सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस न तो सुनते हैं और न ही समय देते हैं। दस बार समय मांगने के बावजूद उन्होंने मिलने से इनकार कर दिया। इसका मतलब क्या है? वे भले ही समय नहीं दे रहे हैं, फिर भी हमारे काम दिल्ली से होते हैं। इस तरह का गंभीर मामला उठाते हुए राकांपा की सांसद सुप्रिया सुले ने महायुति सरकार पर जोरदार प्रहार किया। इस बीच उन्होंने फिर से केंद्र सरकार से मदद मांगी। यह आरोप लगाते हुए कि फडणवीस सरकार उनकी मांग पर गंभीर नहीं है।
सांसद सुले ने भारी वर्षा से प्रभावित मराठवाडा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के किसानों की पीड़ा को दर्शाते हुए निवेदन पत्र दिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि बारिश से खेती को पहुंचे भारी नुकसान के साथ ही राज्य सरकार, स्वयंसेवी संगठन और नागरिकों द्वारा दी जा रही मदद पर्याप्त नहीं है। इसलिए महाराष्ट्र को तत्काल बाढ़ग्रस्त घोषित किया जाए और केंद्र सरकार की ओर से यहां के किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी के साथ आर्थिक पैकेज की घोषणा की जाए।
सुप्रिया सुले की फेसबुक पोस्ट
केंद्रीय कृषि मंत्री से मिलने के बाद सुप्रिया सुले ने कहा कि उन्होंने शिवराजसिंह चौहान से महाराष्ट्र की बाढ़ की भयावह स्थिति बताई। राज्य के किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर खेतों की मिट्टी बह गई है और कृषि उत्पादन नष्ट होने का खतरा है।
