-शिकायत करने पर कहते हैं देशद्रोही
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
चीन ने लद्दाख में भारत की ४,००० वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है। जब इसकी शिकायत की जाती है तो हमें देशद्रोही कहा जाता है। यह कहना है लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का। हाल ही में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग करते हुए वांगचुक अनशन पर बैठे थे। इसके बाद परसों वहां हिंसा भड़क गई, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। इसके लिए वांगचुक ने पूरी तरह से केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है।
चीन की दादागीरी पर सोनम वांगचुक ने कहा कि चीन का अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है। चीन दशकों से कब्जा बढ़ाते जा रहा है और हाल के वर्षों में तो कुछ ज्यादा ही बढ़ा है, लेकिन जब भी हम इसकी शिकायत करते हैं तो हमें देशद्रोही कह दिया जाता है। हमें धमकियां दी जाती हैं। वर्षों से लद्दाख के स्थानीय चरवाहों की जमीन चीन के कब्जे में जाती रही है। ऐसी तो हमारी सरकार है। पिछले दिनों जब हमने चीनी अतिक्रमण और अंधाधुंध औद्योगिकीकरण के खिलाफ सीमा की ओर कूच करना चाहा तो हमें देशद्रोही कहा गया।
दशकों से चीनी अतिक्रमण जारी
हिंदुस्थान की भूमि पर दशकों से चीनी अतिक्रमण जारी है। किसानों के मन में पीड़ा है। चरवाहे परेशान हैं लेकिन आह भी नहीं कर सकते। यदि शिकायत की तो देशद्रोही घोषित कर दिए जाएंगे। यह कहना है लद्दाख के पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का। वांगचुक ने सरकारी ज्यादती को शायराना अंदाज में बयां किया। उन्होंने कहा कि ‘हम आह भी भर लें तो हो जाते हैं बदनाम, वे कत्ल भी करें तो चर्चा नहीं होती,’ ये हालत हो गई है आज की सरकार की। उन्होंने कहा कि हम शिकायत करते हैं तो देशद्रोही हो जाते हैं, लेकिन जिन्होंने ४ हजार वर्ग किमी जमीन चीन को सौंप दें, उसकी कोई चर्चा भी नहीं होती। हम पीड़ा लेकर कहां जाएं।
