– अन्य युवकों की तलाश जारी, बिल्डिंग मालिक से होगी पूछताछ
राजेश सरकार / प्रयागराज
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर राजस्थानी शातिर युवकों के एक और गिरोह की करतूतों का मामला नैनी पुलिस ने उजागर किया है। इस गिरोह ने पहले की तरह अपने ही राज्य राजस्थान के करीब दो दर्जन युवकों को दोबारा नौकरी दिलाने का झांसा देकर नैनी में बंधक बनाए रखा था। गुरुवार को एक बार फिर नैनी इंस्पेक्टर बृज किशोर गौतम ने टीम के साथ पीडीए कॉलोनी से सटे सरपतहिया गांव में छापा मारकर एक बिल्डिंग में बंधक बनाए गए 21 युवकों को मुक्त कराते हुए उन्हें बचा लिया।
मौके पर इस दफा एक आरोपी को पुलिस ने दबोचा है। इंस्पेक्टर के मुताबिक, मौके पर पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे अन्य बंधक बनाए गए युवकों का पता लगाया जा सके। वहीं मुक्त कराए गए युवकों ने तस्वीर खिंचवाने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर के मुताबिक, अलवर राजस्थान का सचिन प्रजापति पुत्र धर्मपाल प्रजापति ने बताया कि सरकारी नौकरी के नाम पर उसे एवं कई अन्य युवकों को प्रयागराज बुलाया गया था। यहां सभी को 20 दिनों से इसी बिल्डिंग में बंधक बनाया गया था। उनको बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा था। उनसे 26 हजार रुपये ज्वाइनिंग और फॉर्म का 1,100 रुपए लिया गया था। नौकरी के नाम पर ठगी की भनक लगी तो सचिन गेट से कूदकर बिल्डिंग से बाहर निकल कर नैनी पुलिस के पास पहुंच गया। सचिन ने पुलिस को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और बंधक बनाए गए सभी युवकों को बिल्डिंग से सुरक्षित निकाल कर वहां मौजूद एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। सभी युवकों ने बताया कि वे कर्ज लेकर घर से आए थे। उन सभी को पीटा और भूखा रखा गया। तीन दिनों से खाना नहीं दिया गया। सभी को एक कमरे में बंधक रखा गया था। युवकों ने बताया कि राजस्थान के रहने वाले बबलू ने सभी को कमरे में बंद किया था।
– बिल्डिंग के मालिक से होगी पूछताछ
इंस्पेक्टर नैनी बृज किशोर गौतम ने बताया कि बिल्डिंग के बारे में भी पड़ताल की जा रही है। इसके मालिक का पता लगाया जा रहा है, ताकि उससे पूछा जाए कि किस आधार पर बिल्डिंग को किराया पर दिया गया था। मालिक की भूमिका भी संदिग्ध हो सकती है। फिलहाल, सचिन के जरिए इतना पता चला है कि किसी फर्म के नाम पर बिल्डिंग को किराए पर लिया गया था। इसमें तकरीबन डेढ़ दर्जन कमरे मौजूद हैं। पुलिस अभी इस दिशा में युद्धस्तर पर तफ्तीश में जुटी है।
