मुख्यपृष्ठग्लैमरत्योहार ऊर्जा और आत्मा का संगम है-अजय गही

त्योहार ऊर्जा और आत्मा का संगम है-अजय गही

हिमांशु राज़

भारत में त्योहारी मौसम केवल जगमगाती रोशनी, मिठाइयों और भव्य जश्न तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और मानसिक पुनरूत्थान का समय भी है। अभिनेता अजय गही, जिनकी फिल्मों में मकबूल, रावण और टीवी शो मिलिए शामिल हैं, बताते हैं कि त्योहारों का असली मतलब हमारे भीतर की ऊर्जा को जगाना और जीवन की चुनौतियों से लड़ने की शक्ति देना है।अजय के अनुसार, नवरात्रि त्योहार खास है क्योंकि यह सभी देवी-देवताओं की पूजा का समय है, जो हमारे अंदर अलग-अलग गुण जगाते हैं। ये ऊर्जा हमें बाधाओं का सामना करने के लिए प्रेरित करती है और हमारी नकारात्मकताओं को खत्म कर सकारात्मकता लाती है। त्योहारों का यह चक्र हमें आशा और एकता का संदेश देता है, जिससे खासकर कठिन समय में लोगों को मनोबल मिलता है।वर्तमान की तेजी से भागती ज़िंदगी में जहां लोग अकेलापन महसूस करते हैं, ऐसे में त्योहार न केवल सांस्कृतिक प्रतीक हैं, बल्कि हमारी मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए भी आवश्यक हैं। वे ग्रहों की निश्चित स्थिति और चुंबकीय तरंगों से जुड़े होते हैं, जो सिद्धांततः हमारे जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।बॉलीवुड में त्योहारों को अक्सर महज मनोरंजन के लिए दिखाया जाता है, जबकि असली सार प्रार्थना, ध्यान और आध्यात्मिकता में निहित होता है। अजय स्वयं सादगी से पूजा-पाठ और खुशी फैलाने को महत्व देते हैं। उनके अनुसार त्योहार हमें जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीद देते हैं, जो हर किसी के लिए जरूरी है।

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