वर्क प्रेशर को लेकर फिर उठे सवाल
द्रुप्ति झा / मुंबई
लोकल ट्रेन के मोटरमैनों पर काम का ज्यादा दबाव होने की वजह से मोटरमैनों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुंबई की धड़कन कहे जानेवाली और ट्रैक पर सुबह-शाम दौड़नेवाली लोकल ट्रेन अचानक शुक्रवार रात ११ बजे रूक गई, जिससे यात्रियों में डर का माहौल बन गया। सीएसएमटी से पनवेल जा रही लोकल ट्रेन जब बेलापुर स्टेशन पहुंची तो मोटरमैन की अचानक तबीयत खराब हो गई, लेकिन मोटरमैन ने एहतियात बरतते हुए ट्रेन को बेलापुर रेलवे स्टेशन पर ही रोक दिया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया, जिसके बाद मोटरमैन को प्राथमिक उपचार दिया गया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, इस घटना के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से पनवेल रूट पर ट्रेन सेवा कुछ देर के लिए बाधित रही। इस लोकल ट्रेन को बेलापुर स्टेशन पर बीस से पच्चीस मिनट तक रोका गया। जानकारी के अनुसार, मोटरमैनों को अठारह-अठारह घंटे काम करना पड़ रहा है जिस वजह से मोटरमैनों को मानसिक समस्या हो रही है। मानसिक दबाव से मोटरमैनों का स्वास्थ्य बिगड़ता जा रहा है। इस घटना के बाद से मुंबई में एक बार फिर से मोटरमैन पर काम के दुगुने दबाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे पहले लोकल ट्रेन के एक मोटरमैन की तनाव में ट्रेन से कटने से मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद मोटरमैनों पर वर्क प्रेशर बहुत ज्यादा होने का मुद्दा उठाया गया था। दरअसल, मोटरमैन यूनियन यह मांग पहले भी उठा चुकी है, लेकिन सरकार पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा। सूत्रों के अनुसार, मानसिक तनाव के कारण मोटरमैन की तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि, सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉक्टर स्वप्निल नीला की जानकारी के अनुसार, मोटरमैन को गैस्ट्रिक प्रॉब्लम हुई थी। अब ये तो जांच का विषय है।
