उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से ठग गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। थाना निवाड़ी पुलिस ने सरकारी नौकरी का झांसा देकर महिलाओं को ठगने वाले शातिर को उसकी महिला साथी संग गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़िता से महिला एवं समाज कल्याण विभाग में सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने का वादा किया और ४ लाख ९४ हजार रुपए ऐंठ लिए। गिरफ्तार आरोपी अब तक दर्जनों महिलाओं को अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस ने अब बंटी-बबली गैंग के खिलाफ कार्रवाई की है। इनके गैंग के बारे में पूछताछ की जा रही है।
एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि १६ जुलाई, २०२५ को एक महिला ने थाने में आकर सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। तहरीर में उसने आरोप लगाया था कि खुद को समाज कल्याण विभाग का अधिकारी बतानेवाले अरविंद शर्मा और रेनू पंवार ने महिला एवं समाज कल्याण विभाग में उसकी सुपरवाइजर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे ३ लाख ५७ हजार और फिर एक लाख ३२ हजार रुपए यूपीआई के जरिए तथा ५००० रुपए नकद लिए थे। नौकरी न मिलने पर जब पीड़िता ने रुपये लौटाने को कहा तो आरोपियों ने धमकी दी और जातिसूचक शब्द बोले। मामला गंभीर पाकर निवाड़ी पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
एसीपी ने बताया कि ३ अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी फर्जी अधिकारी मुजफ्फरनगर निवासी अरविंद शर्मा और उसकी महिला साथी रेनू पंवार पत्नी धीरज पंवार को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि अरविंद के खिलाफ मुजफ्फरनगर,बागपत, मेरठ और गाजियाबाद में धोखाधड़ी के आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, रेनू के खिलाफ निवाड़ी और मुरादनगर थाने में एक-एक मुकदमा दर्ज है। एसीपी सक्सेना ने बताया कि अब तक की जांच में करीब एक दर्जन महिलाओं के साथ सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी सामने आ चुकी है।
