जिंदगी में भरोसा टूटने का दर्द क्या होता है, जब अपना ही कर्मचारी धोखा दे जाए? यूपी के आंबेडकरनगर में घटी ये घटना दिल झकझोर देती है। एक दुकानदार ने सालों तक नौकरी दी, लेकिन मजबूरी या लालच ने उसके भरोसे को चूर-चूर कर दिया। पदुमपुर बाजार की मोबाइल शॉप से चोरी हुए फोन बेचने के लिए चोरों ने ढोलब्जवा में नई दुकान खोल ली! पुलिस की गिरफ्त में आए ऋषभ गोस्वामी और रंजन की ये कहानी न सिर्फ सनसनीखेज है, बल्कि इमोशनल भी। एक तरफ दुकानदार की मेहनत लुट गई, दूसरी तरफ चोरों की जेल यात्रा।
कैसे दिया चोरी को अंजाम?
मामला इसी साल २८ अगस्त का है। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के पदुमपुर बाजार में एक मोबाइल दुकानदार ने शिकायत की, रात में चोरी हो गई, हजारों फोन गायब हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया, सीसीटीवी और डीवीआर फुटेज खंगाले। सुराग मिला चोरों का। मुख्य आरोपी ऋषभ गोस्वामी, जो उसी दुकान पर ४ साल नौकरी कर चुका था। उसने दुकान की हर डिटेल जान ली थी। लॉक सिस्टम, सामान की जगह। मजबूरी में नौकरी छूटी या लालच ने भ्रष्ट किया, लेकिन उसने साथी रंजन के साथ मिलकर वारदात की। चोरी के बाद समस्या ये थी कि माल बेचें कैसे? किसी को शक न हो, इसलिए ढोलब्जवा बाजार में नई मोबाइल शॉप खोल दी। ग्राहक आते, चोरी का माल सस्ते में बिकता, किसी को पता नहीं चलता!
एसपी अभिजीत आर शंकर ने प्रेस कॉन्प्रâेंस में खुलासा किया, ‘ऋषभ पर आंबेडकरनगर और आजमगढ़ में कई केस दर्ज हैं। गिरफ्तारी में १३ कीपैड फोन, ७ एंड्रॉयड, ४८ कवर, ८ बैटरी बरामद हुए।’ पुलिस की मेहनत से गैंग पकड़ा गया, जेल भेजा। लेकिन दुकानदार की आंखों में आंसू, ‘मैंने उसे परिवार जैसा माना, सालों की कमाई चली गई!’ ऋषभ की मां का दर्द भी छिपा है, जो शायद बेटे की गिरफ्तारी पर टूट गई होगी।
ये केस यूपी में बढ़ते चोरी गैंग्स को उजागर करता है। एनसीआरबी के डेटा के अनुसार, २०२४ में मोबाइल चोरी के ५०,००० से अधिक मामलों में अपराधी ज्यादातर इनसाइडर जॉब करनेवाले हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि बेरोजगारी और लालच अपराध बढ़ाते हैं। सीसीटीवी, अलार्म सिस्टम जरूरी है।
व्यापारी भाईयों के लिए मैसेज है कि कर्मचारियों की बैकग्राउंड चेक करें, हर किसी पर अंधविश्वास न करें। युवाओं के लिए मैसेज ये है कि मेहनत से कमाएं, चोरी की राह न अपनाएं, नहीं तो जेल और परिवार का दर्द जीवनभर सताएगा। पुलिस की तारीफ, लेकिन समाज जागे, ईमानदारी ही असली कमाई है। ऐसे कारनामे रोकें, वरना हर दुकान असुरक्षित रहेगी।
