मुख्यपृष्ठनए समाचारअरे दीवानों मुझे पहचानो...बड़ा डॉन बनने के लिए भिड़े बिश्नोई-गोदारा!

अरे दीवानों मुझे पहचानो…बड़ा डॉन बनने के लिए भिड़े बिश्नोई-गोदारा!

दोनों के बीच की लड़ाई सड़कों और जेल से होते हुए सोशल मीडिया पर
हर वारदात के बाद जिम्मेदारी लेने व दूसरे को नीचा दिखाने की होड़
सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ समय से लॉरेंस बिश्नोई का खौफ छाया हुआ है। खासकर सलमान को धमकी देने के बाद उसका नाम काफी कुख्यात हो चुका है। उसके गैंग से ही फूटा गैंगस्टर रोहित गोदारा भी एक के बाद एक वारदात करता जा रहा है। अब इन दोनों में बड़ा डॉन बनने की होड़ लग गई है। यही कारण है कि इन दोनों ही गैंगस्टरों की लड़ाई सड़कों और जेल से होते हुए सोशल मीडिया पर पहुंच चुकी है। असल में पुरानी पीढ़ी के डी कंपनी और छोटा राजन जैसे डॉन फीके पड़ चुके हैं। ऐसे में डॉन नंबर वन बनने के लिए दोनों गैंगस्टरों के बीच भिड़ंत शुरू है।
बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग दिल्ली, राजस्थान और पंजाब की सीमाओं से निकलकर नया अंडरवर्ल्ड की शक्ल ले चुका है। केवल हिंदुस्थान ही नहीं, बल्कि दुनियाभर के देशों में गोलियों की आवाज से गूंज रहा है। कभी एक साथ बैठकर वारदात की प्लानिंग को अंजाम देने वाले लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा अब एक-दूसरे के खून के प्यासे बन चुके हैं। पहले इनकी दोस्ती अपराध की दुनिया में ‘तीन शेरों की जोड़ी’ के नाम से जानी जाती थी, लेकिन आज यह दोस्ती खून और नफरत की कहानी बन चुकी है।
कभी दोस्त रहे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा अब दुश्मन बन चुके हैं। इस दुश्मनी की पहली झलक १७ जून को देखने को मिली, जब श्रीगंगानगर में कॉलोनाइजर आशीष गुप्ता पर जिम से निकलते वक्त हमला किया गया। गुप्ता के पैर में गोली मारी गई और तुरंत बाद फेसबुक पर ‘अनमोल बिश्नोई’ नाम से पोस्ट डालते हुए धमकी दी गई, ‘यह सिर्फ चेतावनी थी, अगली बार सीने में गोली जाएगी’। कुछ घंटे बाद ही रोहित गोदारा के गुर्गों ने पोस्ट को झूठा करार दिया और जिम्मेदारी खुद ले ली। गोल्डी बराड़ ने ऑडियो जारी कर कहा कि हमला उसने करवाया था, लेकिन हत्या का इरादा नहीं था। यहीं से इस जंग की शुरुआत हुई। ९ सितंबर को बीकानेर के सादुल गंज में कांग्रेस नेता धनपत चायल और व्यापारी सुखदेव चायल के घर पर फायरिंग की गई। लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर ने इस पूरी वारदात की जिम्मेदारी ली।
फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम का सहारा
हर बड़ी वारदात के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर पोस्ट डालकर जिम्मेदारी लेने और विरोधी गैंग को नीचा दिखाने की होड़ मची है। दोनों गैंग ‘धर्म रक्षक’ का चोला ओढ़कर युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं। लॉरेंस, गोल्डी और रोहित ने साथ मिलकर कई राज्यों में अपना साम्राज्य खड़ा किया था, लेकिन अब वे तीन दिशाओं में बंट चुके हैं।

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