सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ दिनों से शिंदे गुट के नेता रवींद्र धंगेकर लगातार चर्चा में हैं। पुणे के जैन बोर्डिंग जमीन घोटाले के मामले को लेकर उन्होंने केंद्रीय राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल पर सीधा निशाना साधा है। धंगेकर ने मोहोल पर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच की मांग की है। इस घटनाक्रम में अब शिवसेना नेता और विधान परिषद के पूर्व नेता विपक्ष अंबादास दानवे ने भी मुरलीधर मोहोल की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इस मामले में दो टूक कहा कि मुरलीधर ने सत्ता का दुरुपयोग किया है। अंबादास दानवे ने प्रेस कॉन्प्रâेंस में कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी।
उनसे जब रवींद्र धंगेकर द्वारा मुरलीधर मोहोल पर लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धंगेकर जो बोल रहे हैं, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा था। मुरलीधर मोहोल केंद्र और राज्य सरकार की सत्ता का उपयोग कर रहे हैं। यह जैन समाज का हॉस्टल है, जिसमें एक बिल्डर शामिल है और उसके पीछे मोहोल का नाम सामने आया है। धंगेकर द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच होनी चाहिए। ऐसी मांग दानवे ने की। उन्होंने कहा कि ताज होटल में चप्पल पर प्रवेश वर्जित करना गलत है। वे दिल्ली के ताजमहल होटल में ‘योरस्टोरी’ की संस्थापक और सीईओ श्रद्धा शर्मा के साथ हुई अपमानजनक घटना के बारे में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह गलत है, वह महाराष्ट्र की बेटी है। वह कहां बैठी थी, यह पता नहीं, लेकिन पहले भी एक कंपनी ने कोल्हापुरी चप्पल की नकल की थी। अगर हमारी एक बेटी महाराष्ट्र की संस्कृति दिखा रही है और उसने ऐसा किया है तो महाराष्ट्र की लड़कियों को भी ऐसे स्थानों पर कोल्हापुरी चप्पल पहनकर जाना चाहिए।
