मुख्यपृष्ठनए समाचार‘महायुति' शासन में घोटाले ही घोटाले... एक ही दिन में कूपर अस्पताल...

‘महायुति’ शासन में घोटाले ही घोटाले… एक ही दिन में कूपर अस्पताल के लिए धड़ाधड़ जारी हुए १४ टेंडर!

-चुनिंदा ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने का है सारा खेल

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

मुंबई मनपा द्वारा संचालित कूपर अस्पताल में एक दिन में ही धड़ाधड़ १४ टेंडर जारी होने से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। पानी की पाइपलाइन, फायर सिस्टम, एचबीटी कॉलेज के इन्प्रâास्ट्रक्चर और आवास मरम्मत तक करोड़ों रुपए के जारी सभी १४ टेंडरों को भरने के लिए महज एक सप्ताह यानी ३१ अक्टूबर तक का वक्त दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला चुनिंदा ठेकेदारों को मुनाफा पहुंचाने के सुनियोजित खेल की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें ‘टुकड़े-टुकड़े’ में ठेका देने की साजिश के तहत करोड़ों रुपए का वारा-न्यारा होने वाला है।
बताया गया है कि अस्पताल प्रशासन मरम्मत के नाम पर खुलेआम लूट मचाने की तैयारी में है, जबकि टूटी खिड़कियों से लेकर फायर सिस्टम, ओटी, लेबर वार्ड, वैâथलैब समेत लगभग सभी विभाग बदहाल स्थितियों से जूझ रहे हैं। यह घोटाला महायुति सरकार के स्वास्थ्य तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा को उजागर कर रहा है।
मरम्मत के नाम पर लूट
मुंबई मनपा के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में जुहू के कूपर अस्पताल से जुड़ी १४ नई ई-निविदाओं की घोषणा ने हलचल मचा दी है। फायर सेफ्टी, वाटर पाइपलाइन, इमारत मरम्मत, हॉस्टल सुविधाओं और डिजिटल सिस्टम तक हर विभाग में करोड़ों रुपए के टेंडर एक साथ जारी किए गए हैं। एक तरह से मरम्मत के नाम पर लूट की बात कही जा रही है।
कॉर्पोरेट ठेकेदारों के दबाव में मनपा ले रही फैसलें?
जुहू के कूपर अस्पताल से जुड़ी फाइलें लंबे समय से अटकी पड़ी थीं और अब वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले ठेके निपटाने की तेज कवायद शुरू की गई है। हालांकि, इससे पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर तब, जब हर टेंडर की ओपनिंग डेट सिर्फ २४ से ३१ अक्टूबर के बीच रखी गई है। ऐसे में सवाल ये उठने लगा है कि आखिर एक साथ इतने कामों को कराने के लिए इतनी जल्दी क्यों दिखाई जा रही है।
इन कामों को टेंडर में किया गया है शामिल
अतिरिक्त पानी पाइपलाइन की आपूर्ति का काम, फायर सेफ्टी वॉल का काम, घरेलू व उपयुक्त भंडारण प्रणाली का प्रारूप, ऑपरेशन थिएटरों के लिए एडवांस रिर्टन एयर मैनेजमेंट असेम्ब्लीज वैंâपराइजिंग प्रिसिजन कॉलिब्रेटेड ग्रिल्स विथ एयर वैल्यूम डायपर्स सिस्टम, अधिकारी व कर्मचारी आवास में खराब दरवाजे बदलना, पैरापेट क्षेत्र का उन्नयन, प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल विकास, लेबर वार्ड व कैथलैब की मरम्मत, वार्डों में फॉल्स सिलिंग बदलना, आरएमओ निवास की खिड़कियों और दरवाजों की मरम्मत व परदे बदलना, इंटेलिजेंट गेट ऑटोमेशन प्रणाली, गर्म पानी की प्रणाली में सुधार और रियल टाइम इमेज वैâप्चरिंग डिवाइस लगाने के टेंडर जारी किए गए हैं। दूसरी तरफ मनपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अस्पताल के आधुनिकीकरण का दावा सही है, लेकिन बिना प्राथमिकता तय किए ठेके बांटने से संसाधन बर्बाद होंगे। इतने बड़े पैमाने पर एक साथ निविदाएं जारी होने से यह सवाल फिर गूंजने लगा है कि क्या मनपा अब भी कॉर्पोरेट ठेकेदारों के दबाव में पैâसले ले रही है? कूपर की इमारतें वर्षों से सुधार की मांग कर रही थीं, लेकिन अब अचानक इन प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता क्यों दी गई, लेकिन जवाब शायद लिफाफा सी खुलने के बाद यानी एक नवंबर दोपहर ४ बजे के बाद मिलेगा, जब असल विजेताओं के नाम सामने आएंगे। तब तय होगा कि ये निविदाएं वाकई विकास के लिए थीं या किसी और एजेंडा के तहत जारी की गर्इं।
पैदा हो सकता है विवाद
टेंडर जारी होते ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतने सारे टेंडर एक साथ जारी करना पारदर्शी प्रक्रिया का पालन है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ठेकेदारों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

अन्य समाचार