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ट्रैफिक नियमों की उड़ाई जा रहीं धज्जियां… रैश ड्राइविंग में १०० से ज्यादा की मौतें!

-कहीं ड्रंक एंड ड्राइव तो कहीं बेकाबू गाड़ियों का कहर

फिरोज खान / मुंबई

मुंबई में रैश ड्राइविंग ने कहर बरपा रखा है। आए दिन बेकसूर लोग सड़क पर मारे जा रहे हैं, बावजूद इसके ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई ठंडे बस्ते में नजर आ रही है। बेकाबू गाड़ियां राहगीरों को बड़ी बेरहमी से रौंद रही हैं। कहीं स्टंट जानलेवा बन रहा है तो कहीं तेज रफ्तार गाडियां लोगों को कुचल रही हैं। खुलेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, बावजूद इसके ट्रैफिक पुलिस सो रही है। हैरानी की बात यह है कि पिछले चंद महीनों में १०० से ज्यादा लोग बेमौत मारे गए हैं।
ताजा मामला बोरीवली नेशनल पार्क का है, जहां डेढ़ साल की मानसी यादव को उसके परिजन घुमाने ले गए थे। बच्ची नेशनल पार्क में खेल रही थी, तभी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उसे कुचल दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। इस घटना से हंगामा मच गया और लोगों ने ट्रैफिक पुलिस पर सख्त नाराजगी जताई। इस तरह की दर्दनाक घटना कोई पहली नहीं है। इस साल सौ से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बेकाबू गाड़ियां और तेज रफ्तार ड्राइविंग से हो रहे हादसों के बारे में ट्रैफिक विभाग के डीसीपी प्रदीप चव्हाण से पूछा गया तो उन्होंने बताया रैश ड्राइविंग हादसों के सटीक आंकड़े फौरी तौर पर उनके पास मौजूद नहीं हैं, फिर भी बेकाबू ड्राइविंग करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है। मीरा रोड के समाजसेवक अजय शर्मा का कहना है कि मीरा रोड ही नहीं, पूरी मुंबई में १४ से १५ साल के बच्चे हवा में टू व्हीलर उड़ाते नजर आते हैं। कई हादसे हुए और शिकायतें की जाती है, फिर भी यातायात विभाग कुछ करता नजर नहीं आता है। अजय शर्मा का यह भी कहना है कि ट्रैफिक पुलिस सिर्फ वसूली में लगी रहती है। शर्मा के मुताबिक, परिजनों को भी चाहिए कि नाबालिग बच्चों को गाड़ी न दे। स्टंट के खिलाफ आवाज उठानेवाले नितिन कुलकर्णी का कहना है कि स्टंट हो या रैश ड्राइविंग ट्रैफिक पुलिस उन्हें एक नोटिस देकर छोड़ देती है, जबकि उनके खिलाफ सख्त कारवाई की जानी चाहिए।
साल २०२५ की प्रमुख घटनाएं
२३ अक्टूबर को संजय गांधी नेशनल पार्क के अंदर तेज रफ्तार बुलेट मोटरसाइकिल ने डेढ़ साल की बच्ची को कुचला।
२१ अक्टूबर को ठाणे में अनियंत्रित ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, १९ साल के युवक की मौत हुई।
२१ अक्टूबर को हाईस्पीड बस ने ६० वर्षीrय बुजुर्ग महिला को रौंद दिया।
९ सितंबर को बेकाबू कार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर चढ़ गई, जिसमें पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई।
२९ मार्च को दादर फ्लाईओवर ब्रिज पर लापरवाही से चला रहे कारचालक ने टैक्सी को टक्कर मार दी, जिसमें चालक और पैसेंजर की मृत्यु हो गई।

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