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मुख्यमंत्री फडणवीस का गृह विभाग फेल… सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं बांग्लादेशी घुसपैठी!

-एटीएस ने सौंपी १,२७४ अवैध बांग्लादेशियों की सूची

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

महाराष्ट्र में बांग्लादेशी अवैध घुसपैठ ने महायुति सरकार की नाकामी का बड़ा सबूत पेश किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह विभाग की लचर निगरानी के चलते राज्य में बांग्लादेशी घुसपैठियों का बवंडर खड़ा हो गया है। आतंकवाद विरोधी दल ने १,२७४ अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की सूची सौंपी है, जिसके बाद सरकार ने डैमेज कंट्रोल के तहत कल जारी परिपत्रक में आपातकालीन निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने अब इन अवैध घुसपैठियों के नाम पर जारी आधिकारिक दस्तावेजों की पुष्टि करने और उन्हें रद्द करने के निर्देश दिए हैं, जिससे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवालों के बीच एक बड़ा प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने बांग्लादेशी अवैध घुसपैठ को लेकर चिंता जताते हुए एक महत्वपूर्ण परिपत्रक जारी किया है। इसके तहत अवैध रूप से राज्य में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की बढ़ती संख्या और सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस परिपत्र में जिक्र किया गया है कि बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों की ‘ब्लैक लिस्ट’ तैयार की जाएगी। एटीएस द्वारा सौंपी गई १,२७४ घुसपैठियों की सूची की जांच करते हुए संदिग्ध दस्तावेजों को तत्काल रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ ही नए राशन कार्ड जारी करने में सख्ती बरती जाएंगी। इसी के साथ ही सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आंतरिक बैठकें आयोजित करें, अवैध घुसपैठियों की सूची तैयार करें, संदिग्ध दस्तावेजों की तुरंत जांच करें और त्रैमासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इन सबके बीच अधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा है कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिए नकली दस्तावेज बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, जिससे राज्य के कोष पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा है और सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है।
सुरक्षा तंत्र पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर गृह विभाग की जिम्मेदारी ठीक से न निभाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ देश में अवैध घुसपैठ तक सीमित नहीं, बल्कि राज्य की संप्रभुता से जुड़ा हुआ मसला है। सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कड़े कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

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