-क्षेत्रीय विकास के मुद्दे अधर में मीरा-भायंदरवासियों में गुस्सा
सामना संवाददाता / भायंदर
चुनाव जीतने के बाद से ही महायुति के ठाणे लोकसभा के सांसद नरेश म्हस्के पर मीरा-भायंदर शहर की उपेक्षा के आरोप लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चुनाव के दौरान किए गए वादों के बिल्कुल उलट शिंदे के सांसद शहर में महीनों तक दिखाई नहीं देते। मीरा-भायंदर ठाणे लोकसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसके बावजूद सांसद की मौजूदगी लगभग शून्य बताई जा रही है। नागरिकों का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद म्हस्के ने यहां जनसंपर्क तक नियमित रूप से नहीं किया। उनका यह वादा भी याद दिलाया जा रहा है कि सप्ताह में दो दिन मीरा-भायंदर में रहेंगे।
वर्तमान स्थिति यह है कि कभी-कभार उनके ‘गुप्त दौरे’ की बातें चर्चा में आती हैं। इन दौरों की जानकारी न तो जनता को मिलती है, न स्थानीय मीडिया को। जनता का दावा है कि डेढ़ वर्ष में उनके दर्शन उंगलियों पर गिने जा सकते हैं। सांसद कार्यालय भी आज तक शुरू नहीं किया गया है। किसी भी विशेष समस्या पर आम नागरिकों को सीधा ठाणे जाना पड़ता है।
अधर में लटकीं बुनियादी सुविधाएं
क्षेत्र में सांसद कार्यालय की मांग जोर पकड़ चुकी है। पोस्ट ऑफिस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी अधर में लटकी हुई हैं। भायंदर पोस्ट ऑफिस कार्यालय अभी भी किराए की इमारत में चल रहा है। दूसरी ओर मीरा रोड के पोस्ट ऑफिस परिसर का एक हिस्सा फेरीवालों का अड्डा बन चुका है। इसके अलावा केंद्र सरकार से जुड़े प्रोजेक्ट और जनसमस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इस पर पहल करने वाला कोई नहीं है, क्योंकि सांसद महोदय गायब हैं। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, हाईवे, मैंग्रोव्ज भूमि पर अतिक्रमण, बिल्डरों का कब्जा, जैसी कई फाइलें सांसद के हस्तक्षेप की राह देख रही हैं।
जनता उठा रही है सवाल
क्षेत्रीय निरीक्षण के लिए उन्होंने मीरा रोड-भायंदर स्टेशन का एक औचक दौरा किया था। हालांकि, जनता कहती है कि संसद भवन की सक्रियता के साथ जमीनी सक्रियता भी जरूरी है। चुनाव अभियान के दौरान किए गए वादे अब जनता याद दिला रही है। लोग सवाल कर रहे हैं कि उनका सांसद आखिर कब उनके बीच उतरेगा। मीरा-भायंदर की बढ़ती आबादी को केंद्र से सहयोग की अपेक्षा है। सांसद की अनुपस्थिति से यह उम्मीद कमजोर पड़ती जा रही है। क्षेत्रीय नागरिकों में यह भावना बढ़ रही है कि उनका प्रतिनिधि ‘जीत के बाद गायब’ हो गया। यदि यह स्थिति जारी रही तो राजनीतिक समीकरण प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
‘मीरा-भायंदर क्षेत्र में सांसद कार्यालय की जरूरत है, जिसके माध्यम से जनसंपर्क सही तरीके से होगा। जनता को अपनी बात रखने और समस्याओं के समाधान के लिए उचित स्थान होना जरूरी है। इस संबंध में प्रयास चल रहा है, जल्द क्षेत्रीय कार्यालय खुलेगा।’
– रोहित सुवर्णा (पूर्व नगरसेवक)
