मुख्यपृष्ठनए समाचारदो साल की बच्ची बनी ‘खूंखार अपराधी’! ...खड़कपाड़ा पुलिस का कारनामा

दो साल की बच्ची बनी ‘खूंखार अपराधी’! …खड़कपाड़ा पुलिस का कारनामा

पुलिसिया जांच’ पर उठ रहा सवाल..

न्यायाधीश के सवाल का जवाब नहीं दे पाए जांच अधिकारी..

कल्याण : पटाखा विवाद में हुई झड़प की जांच करते-करते खड़कपाड़ा पुलिस ने शायद इतिहास रच दिया। दो साल की मासूम बच्ची को ही बना दिया हत्या के प्रयास का आरोपी! अदालत में जब यह बात सामने आई, तो न्यायाधीश तक दंग रह गए। जैसे ही बच्ची का आधारकार्ड दिखाया गया, जज ने तारीख देखकर भौंहें तानीं और जांच अधिकारी से पूछा,दो साल की बच्ची ने किस हथियार से वार किया? जवाब न मिलने पर नाराज़ जज ने कार्ड फेंकते हुए पुलिस की लापरवाही पर कड़ी टिप्पणी की।

लहूजीनगर की महिला संध्या साठे ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने बिना जांच किए ही नाम जोड़ दिए। वहीं वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक का कहना है कि शायद उसी नाम का कोई और आरोपी हो सकता है। मगर सवाल यह है कि क्या अब पुलिस जांच नहीं, अटकलों पर एफआईआर दर्ज कर रही है? दो साल की बच्ची को अपराधी बनाने वाली यह सिस्टम की समझदारी अब पूरे कल्याण में चर्चा का विषय बन चुकी है और लोग पूछ रहे हैं, क्या अब झूले में झूलते बच्चे भी अपराधी हो गए?

बच्ची के परिजनों ने राज्य सरकार से गुहार लगाई है कि एफआईआर से बच्ची का नाम हटाया जाए और लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाए। शहर में लोग अब तंज कसते हुए कह रहे हैं, अरे संभलकर रहो, कहीं बच्चा रो दे तो पुलिस उसे भी देशद्रोह में न फंसा दे! कल्याण की जनता अब बस यही चाहती है कि पुलिस जांच करे, लेकिन इस बार ‘सही उम्र’ से शुरू करे!

अन्य समाचार