डोंबिवली : एमआईडीसी निवासी क्षेत्र में पिछले कई दिनों से घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा करने वाली घंटागाड़ियां या तो समय पर नहीं आ रहीं या कई बार आती ही नहीं। कुछ इलाकों में दो से तीन दिन तक कचरा न उठने से नागरिकों का धैर्य टूट गया है और उन्होंने सोशल मीडिया पर खुलकर अपना रोष जताया है। नागरिकों का कहना है कि मनपा ने चेन्नई पैटर्न पर निजी ठेकेदार को जिम्मेदारी दी है, लेकिन उसके पास न पर्याप्त गाड़ियां हैं, न कर्मचारी। ऊपर से यह ठेकेदार गीला और सूखा कचरा एक साथ उठाकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।
इस लापरवाही के चलते नागरिक मजबूर होकर कचरा सड़क किनारे फेंक रहे हैं, जिससे इलाके में अस्वच्छता और दुर्गंध फैल रही है। त्योहार के मौसम में भी मनपा का सफाई तंत्र “आराम मोड” में दिखाई दे रहा है। जागरूक नागरिकों ने उपायुक्त (घनकचरा व्यवस्थापन) रामदास कोकरे को शिकायत भेजी है और वरिष्ठ नागरिक मुकुंद वैद्य ने तो आयुक्त गोयल को ईमेल कर स्थिति से अवगत कराया है। नागरिकों का कहना है कि यदि अब भी सफाई व्यवस्था सुधरी नहीं, तो वे प्रधानमंत्री कार्यालय तक ऑनलाइन शिकायत करने को मजबूर होंगे, क्योंकि मनपा के वादों की तरह ही अब घंटागाड़ियों की आवाज भी “कागज़ी सफाई” तक सीमित रह गई है।
