मुख्यपृष्ठअपराधमुंबई, ठाणे और मीरा-भायंदर में बाल यौन अत्याचार सर्वाधिक

मुंबई, ठाणे और मीरा-भायंदर में बाल यौन अत्याचार सर्वाधिक

-महाराष्ट्र में हर दिन २४ बच्चों के साथ यौन शोषण

– एनसीआरबी की रिपोर्ट में चिंताजनक खुलासा

सुनील ओसवाल / मुंबई

महाराष्ट्र में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन औसतन ६१ बच्चों पर अत्याचार हो रहा है, जिनमें से २४ बच्चों के साथ यौन अत्याचार के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। ०२३ में राज्यभर में २२,३९० बाल अत्याचार के मामले दर्ज किए गए, जो २०२२ की तुलना में १,६२८ मामलों की वृद्धि दर्शाते हैं। देश में दर्ज कुल बाल अत्याचार मामलों में महाराष्ट्र का हिस्सा लगभग १३ प्रतिशत है।
मुंबई, ठाणे और चाइल्ड राइट्स एंड यू (क्राई) के विश्लेषण के मुताबिक, महाराष्ट्र के जिन जिलों में बाल अत्याचार के सबसे अधिक मामले दर्ज हुए हैं, उनमें मुंबई (३,११०), ठाणे (१,६३८), पुणे शहर (१,२३४), मीरा-भायंदर (१,०१६) और पुणे ग्रामीण (८७८) शामिल हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन शहरी इलाकों में जनसंख्या घनत्व, शहरी तनाव और निगरानी की कमी जैसे कारणों से बाल सुरक्षा पर गंभीर खतरा बढ़ा है। राज्य में दर्ज कुल बाल अपराधों में से १२,००० से अधिक मामले अपहरण से संबंधित, जबकि ८,००० से अधिक यौन अत्याचार के हैं।
राज्य के कुछ शहरों के आंकड़े
– मुंबई: १,११०
– ठाणे: ४४७
– पुणे: ४३१
– पुणे ग्रामीण: ४००
-मीरा-भायंदर-वसई विरार: ३३३
मध्य प्रदेश पहले, महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर एनसीआरबी के अनुसार, बाल अत्याचार मामलों में मध्य प्रदेश २२,३९३ मामलों के साथ पहले, जबकि महाराष्ट्र २२,३९० मामलों के साथ दूसरे स्थान पर है। यदि प्रति लाख बच्चों पर अपराध दर की बात करें तो महाराष्ट्र देश में दसवें स्थान पर है, जहां औसतन ६१ अपराध प्रति लाख बच्चों पर दर्ज किए गए। सबसे अधिक अपराध दर अंडमान-निकोबार (१४३.४), दिल्ली (१४०.३), चंडीगढ़ (९०.७) असम (८४.२) और मध्य प्रदेश (७७.९) में पाई गई है।

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