-वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक निलंबित
-आयुक्त के एक्शन से पुलिस महकमे में खलबली
सुरेश गोलानी / मुंबई
मुंबई पुलिस के मादक द्रव्य निरोधक प्रकोष्ठ (एंटी-नारकोटिक्स सेल) और तिलक नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार, २५ अक्टूबर को नालासोपारा में चल रही मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन के दो दिन बाद पेल्हार थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जितेंद्र वनकोटी को काम में लापरवाही के चलते निलंबित कर दिया गया है। मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक द्वारा जारी इस आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ज्ञात हो कि ५ अक्टूबर दोपहर करीब ३ बजे मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (जोन-६) ने चेंबूर से गोवंडी में रहने वाले मोहसिन सैयद को ६० ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मुंबई पुलिस को नालासोपरा के पेल्हार इलाके में स्थित राशिद कंपाउंड में केमिकल निर्माण की आड़ में चल रहे एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के बारे में सूचना मिली।
१३.४४ करोड़ का माल बरामद
सूचना की पुष्टि करने के बाद एंटी-नारकोटिक्स सेल और तिलक नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को मौके पर छापा मारा और ६ किलो ६७५ ग्राम तैयार एमडी सहित उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, मशीनरी और अन्य सामग्री बरामद की, जिसकी कीमत १३ करोड़ ४४ लाख से ज्यादा आंकी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान ड्रग्स और केमिकल का जखीरा बरामद करने के अलावा मुंबई पुलिस को फैक्ट्री से संबंधित आरोपियों के तार किसी अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने के पुख्ता सबूत भी मिले।
सचिन कांबले बने नए इन-चार्ज
मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक द्वारा जारी निलंबन आदेश से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि वनकोटी के निलंबन के पश्चात पेल्हार थाने की कमान मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस आयुक्तालय की एंटी-नारकोटिक्स सेल से जुड़े वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन चंद्रकांत कांबले को सौंप दी गई है।
पुलिस थाने के करीब थी फैक्ट्री
उल्लेखनीय है कि धड़ल्ले से चल रही ड्रग फैक्ट्री की दूरी पेल्हार पुलिस थाने से महज २०० से ३०० मीटर थी। थाने के इतने करीब होने के बावजूद स्थानीय पुलिस को ड्रग्स फैक्ट्री के बारे में भनक तक नहीं लगी। निलंबन आदेश के अनुसार, वनकोटी को अपने अधीन पुलिस अधिकारी और फोर्स होने के बावजूद प्रभावी गश्त में लापरवाही बरतने और गुप्त जानकारी जुटाने में असमर्थता के चलते अनुशासनात्मक कार्यवाही के तहत निलंबन कर उनको पुलिस नियंत्रण कक्ष में लाइन हाजिर होने के निर्देश दिए गए हैं।
