द्रुप्ति झा / मुंबई
अंधेरी-पूर्व स्थित एमआईडीसी रोड निजी बसों के अतिक्रमण का शिकार हो गया है। आलम यह है कि सड़क किनारे रात के आठ बजे से लेकर सुबह के १० बजे तक यहां निजी बसों व अन्य वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण सीप्ज में काम करनेवाले लोगों का आना-जाना दुश्वार हो गया है। ये पार्किंग समस्या और भी बढ़ा देती है, जब ज्यादातर लोगों का ऑफिस आना और जाना होता है। जिस पर ट्रैफिक पुलिस कोई भी एक्शन नहीं ले रही है। ऐसे में यह सड़क वाहन खड़े करने के लिए हैं या नागरिकों के सुगम आवागमन के लिए, ऐसी चर्चा आम नागरिक करने लगे हैं।
बता दें कि अंधेरी-पूर्व के सांताक्रुज इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रमोशन जोन सीप्ज में लगभग ५०,००० कर्मचारी काम करते हैं। यहां चर्चगेट, विरार, ठाणे, कल्याण समेत कई क्षेत्र से लोग काम करने के लिए आते हैं। सुबह आठ बजे से लेकर तकरीबन १२ बजे तक एमआईडीसी से लेकर सीप्ज तक जाने वाली सड़कें यात्रियों से खचाखच भरी रहती हैं। ऊपर से सड़क किनारे कतारबद्ध वाहनों के अतिक्रमण यात्रियों की परेशानी का सबब बने रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी
कतार में खड़ी निजी बसें नागरिक सुविधा के लिए बनाई गई सड़कों पर कब्जा तो कर ही रही हैं, साथ ही उस पर ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी ट्रैफिक पुलिस विभाग की लचर कार्यशैली पर भी सवाल उठा रही है। लोगों का कहना है कि क्या ट्रैफिक पुलिस सिर्फ वसूली में ही मस्त रहेगी या पैदल यात्रियों व वाहन चालकों को ट्रैफिक से राहत दिलाने का काम भी करेगी?
