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छठ पूजा के उत्साह में छाया मातम… उल्हास नदी में दो बच्चे डूबे!

-उल्हासनगर कैंप नंबर एक में छाई शोक की लहर

सामना संवाददाता / मुंबई

कल्याण मनपा क्षेत्र से कई उत्तर भारतीय परिवार सोमवार की शाम कल्याण मुरबाड़ रोड पर रायते स्थित उल्हास नदी के तट पर छठ पूजा करने आए थे। इस दौरान छट पूजा में व्यस्त एक परिवार के दो बच्चे तैरने के लिए नदी में उतरे और पानी के तेज बहाव में वे बह गए, जिसके कारण छठ पूजा का उत्सव मातम में बदल गया। उक्त दोनों लड़के उल्हासनगर कैंप नंबर एक के ए ब्लाक रोड के रहने वाले थे। डूबने वाले बच्चों के नाम प्रेम गुप्ता (१६) और राजन जयराम विश्वकर्मा (१८) बताए जा रहे हैं।
उल्हास नदी में दो बच्चों के डूबने की सूचना मिलते ही सोमवार की शाम को ही दमकल कर्मियों ने नदी में नाव उतारी और डूबे हुए बच्चों की तलाश शुरू की, लेकिन वे नहीं मिले। अंधेरा होने के कारण दमकल कर्मियों के लिए नदी में बच्चों की तलाश करना मुश्किल हो गया इसलिए उन्होंने देर रात खोज बंद कर दी। मंगलवार सुबह कर्मचारी फिर से नदी में लापता इन बच्चों की तलाश करने उतरे। खबर लिखे जाने तक बच्चे नहीं मिले थे। गौरतलब हो कि छठ पूजा का कार्यक्रम पानी में किया जाता है। इसलिए कल्याण, उल्हासनगर और डोंबिवली मनपा क्षेत्रों से कई उत्तर भारतीय अपने परिवारों के साथ छठ पूजा के लिए अपने घरों के पास की खाड़ी और नदी क्षेत्रों में आए थे।
बताया जाता है कि उल्हासनगर के ए ब्लाक रोड से छठ पूजा के लिए वाहन द्वारा कल्याण-मुरबाड रोड पर रायता पूल क्षेत्र में आए थे। यहां पांच से छह परिवार छठ पूजा कर रहे थे। तभी यह हादसा हुआ।
परिजनों की नजरों से बचकर नदी में उतरे थे बच्चे
जानकारी के मुताबिक, जब छठ पूजा अनुष्ठान चल रहा था, तब पूजा में व्यस्त एक उत्तर भारतीय परिवार के दो बच्चे परिवार की नजरों से बचकर नदी के तल में तैरने के लिए उतर गए, लेकिन रायता में उल्हास नदी का तल गहरा है। नदी में पानी के तेज बहाव के कारण दोनों बच्चे बह गए। खबर लिखे जाने तक बच्चों की तलाश जारी थी।

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