मुख्यपृष्ठनए समाचारबीजेपी की ड्रामेबाजी...फुस्स हुई क्लाउड सीडिंग

बीजेपी की ड्रामेबाजी…फुस्स हुई क्लाउड सीडिंग


-विपक्ष ने उड़ाई भाजपा सरकार की खिल्ली

– विपक्ष ने उड़ाई भाजपा सरकार की खिल्ली
दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज प्रदूषण को लेकर दिल्ली की रेखा सरकार पर लगातार हमलावर बने हुए हैं। वो क्लाउड सीडिंग को लेकर भी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। आर्टिफिशियल रेन को लेकर उन्होंने कल भी एक प्रेस कॉन्प्रâेंस की। भारद्वाज ने सरकार पर आर्टिफिशियल रेन के नाम पर ड्रामा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इसमें आम लोगों का पैसा खर्च किया जा रहा है। दिल्ली में कृत्रिम बारिश हो ही नहीं सकती, इसके वैज्ञानिक कारण हैं।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जनता को बेवकूफ बनाने के लिए सरकार ने आर्टिफिशियल रेन की बात की। २७ अक्टूबर को बादल थे और उन्हीं को देखकर इन्होंने कृत्रिम बारिश की बात की। वैज्ञानिकों ने कहा है कि क्लाउड सीडिंग होते ही १५ मिनट में बारिश हो जाती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इन्होंने उस टाइम को बढ़ा लिया। कहीं भी एक बूंद बारिश नहीं हुई। `आप’ नेता ने आगे कहा कि शाम ४ बजे फिर क्लाउड सीडिंग कराई गई, लेकिन बारिश नहीं हुई। ये सब करके सरकार न सिर्फ दिल्ली के लोगों के साथ गलत कर रही है, बल्कि वैज्ञानिकों के साथ भी छल कर रही है। हमने भी आईआईटी कानपुर के साथ आर्टिफिशियल रेन को लेकर बात की थी। हम भी ऐसा चाहते थे। केंद्र सरकार ने संसद में इस संबंध में जवाब दिया। सरकार ने ३ बड़े और प्रमुख विभागों से राय ली। भारद्वाज ने कहा कि तीनों संस्थानों ने बताया कि इसकी जरूरत ही नहीं है। विंटर में क्लाउड सीडिंग की जरूरत नहीं है, अपने आप ही बारिश होगी। ये बात दिसंबर २०२४ में कही गई। वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के बादल अपने आप बरस जाते हैं। खर्चा करने की जरूरत नहीं है और जो ऊंचे बादल हैं उन्हें एयरक्रॉफ्ट सीड नहीं कर पाएगा। अगर कर भी दिया तो दिल्ली का जो मौसम है उसमें पानी अगर आ भी जाएगा तो वो नीचे आते-आते वापस भांप बन जाएंगे, इसलिए दिल्ली में ये नहीं किया जा सकता है। इसमें जो केमिकल यूज होता है, उससे लोग बीमार हो सकते हैं। इसलिए केंद्र सरकार कहती है दिल्ली में क्लाउड सीडिंग नहीं हो सकती।

`बीजेपी की ड्रामेबाजी’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब आप जानते थे कि दिल्ली में कृत्रिम बारिश नहीं हो सकती तो फिर ये सर्कस क्यों खड़ा किया गया। क्यों करोड़ों रुपए खर्च किए गए। देश और दिल्ली को क्यों बेवकूफ बनाया जा रहा है। ये ड्रामेबाजी क्यों हो रही है।

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