राजेश सरकार
प्रयागराज। बंगाल की खाड़ी से उठे मोथा चक्रवात का असर संगमनगरी प्रयागराज में भी देखा जा रहा है। मंगलवार से ही आसमान में बादलों का डेरा है। बुधवार को पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। बृहस्पतिवार सुबह से ही मौसम ने अचानक करवट ली और सुबह-सुबह झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से तापमान लुढ़क गया। वहीं बेमौसम बरसात से प्रयागराज में खेती करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी। गंगानगर, यमुनानगर और फाफामऊ क्षेत्र में गुरुवार दोपहर से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। लगातार हुई वर्षा से खेतों में खड़ी धान की फसल खराब हो गई, जिससे फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि धान की फसल पकने के करीब थी, ऐसे में बारिश उनकी पूरी मेहनत पर भारी पड़ गई। कई जगहों पर पानी की तेज बौछार से फसलें गिर गईं और कटाई में दिक्कतें बढ़ गई हैं।
स्थानीय किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर नुकसान की भरपाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि अगर समय रहते मुआवजा नहीं मिला तो आगामी रबी सीजन की तैयारी पर भी असर पड़ेगा।
– मौसम बदलने से ठंड बढ़ी मौसम विभाग के अनुसार प्रयागराज का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो बुधवार की तुलना में करीब दो डिग्री कम है। लगातार बारिश और हवाओं के कारण मौसम सर्द हो गया है। लोग गर्म कपड़े
पहनकर घरों से निकल रहे हैं, जबकि कई लोगों ने ठंड से बचने के लिए घरों में ही रहना उचित समझा।
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