मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी को उखाड़ने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के एमवाई फैक्टर को नाकाफी मानते हुए डीएम फार्मूला तैयार किया है। मायावती ने मुस्लिम समाज से अपील की कि वे भाजपा की “विध्वंसक राजनीति” को हराने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बजाय सीधे बीएसपी का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के भारी समर्थन के बावजूद सपा भाजपा को परास्त करने में असफल रही है। मायावती ने मुस्लिम नेताओं, कार्यकर्ताओं और अपने सभी कोऑर्डिनेटर्स के साथ ये खास मीटिंग बुलाई थी। बसपा की इस रणनीति को मुस्लिमों ने अच्छा पहल बताया है। बताते हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव के ठीक पहले मायावती ने अपने संबोधन में कहा कि बसपा में अब मुसलमान ‘बैक बेंचर’ नहीं बल्कि फ्रंट रो में रहेंगे। इसमें सभी 18 मंडलों में “भाईचारा कमेटी” बनाने का फार्मूला तय कर दिया। अब एक दलित और एक मुसलमान सब कमेटियों में होंगे। मायावती ने आने वाले नेताओं को अपनी सरकार के उपलब्धियों की 42 प्वाइंट्स की लिस्ट दी, इसमें ये बताया गया है कि जब यूपी में बीएसपी सरकार थी तो मुस्लिमों के लिए क्या-क्या किया गया था।
नाम न छापने की शर्त पर संभल जिले के एक वफादार बसपाई मुस्लिम नेता ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए यह बहन जी का मास्टर स्टोक साबित होगा। उन्होंने कहा कि देवबंद से लेकर दुबई तक मुस्लिम अपने भविष्य को लेकर पहले से ज्यादा सजग हुआ है। वह किसी पार्टी का नौकर नहीं, उसे सम्मान चाहिये। जिस दिन दलित और मुस्लिम एक साथ खड़े हो जायेंगे उस दिन मुसलमानों को भाजपा का डर दिखा कर लूटने वालों अपने आप पर्दाफाश हो जायेगा। जैसे-जैसे धरातल पर दलित-मुस्लिम गठजोड़ मजबूत होगा वैसे-वैसे यूपी से भाजपा की सत्ता उखाड़ने का रास्ता साफ होगा।
