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महायुति सरकार में एक और जमीन घोटाला… फर्जी दस्तावेज से सरकारी भूखंड करा लिया अपने नाम!

-एकनाथ खडसे ने किया बड़ा खुलासा

सामना संवाददाता / मुंबई

कोरेगांव पार्क जमीन घोटाला मामला इन दिनों सुर्खियों में है। इसी बीच पुणे के बोपोडी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन हड़पने का एक और मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई है। इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता एकनाथ खडसे ने कल एक प्रेस कॉन्प्रâेंस में इस घोटाले की विस्तृत जानकारी दी।
खडसे ने इस बारे में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि वैâसे पुणे शहर के मध्य भाग में स्थित लगभग १,५०० करोड़ रुपए की यह जमीन किसी और के नाम पर ट्रांसफर कर दी गई।
खडसे ने बताया कि कल पुणे के खड़क पुलिस स्टेशन में नौ लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई। सर्वे क्रमांक ६२ में १५ एकड़ जमीन है। इसका फर्जी दस्तावेज तैयार करके आरोपियों ने जमीन को अपने नाम कर लिया है। उन्होंने बताया कि यह जमीन बहुत पहले पेशवाओं की जमीन थी। उस समय भट नाम का एक परिवार था। पेशवाओं ने यह जमीन उस परिवार को जीवनयापन के लिए दी थी। इसमें एक शर्त थी कि जब तक परिवार में बेटा है, तब तक जमीन उनकी रहेगी। बेटी होने पर यह अधिकार समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि बेटी होने के बाद यह अधिकार समाप्त हो गया। उसके बाद १८८३ से यह सरकारी जमीन है। १९२० में यह जमीन एक कृषि महाविद्यालय के लिए दी गई थी। तब से यह कृषि विभाग के पास है। यह जमीन बहुत महत्वपूर्ण स्थान पर है। एकनाथ खडसे ने बताया कि अगर आज के बाजार भाव के हिसाब से इसकी कीमत देखें तो इस जमीन की कीमत लगभग पंद्रह सौ करोड़ रुपए होगी।

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