न्याय के लिए छह माह से भटक रही!
मनोज श्रीवास्तव/लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश में डायलॉग मारते हैं कि यदि प्रदेश के किसी चौराहे पर युवती से छेड़खानी हुई तो दूसरे चौराहे पर मनचलों को पुलिस ढेर कर देती है। लेकिन प्रदेश के बलरामपुर जिले में कोतवाली देहात के अंदर ही छेड़छाड़ का शिकार हुई महिला सिपाही आठ माह से न्याय के लिए विभागीय अधिकारियों की ड्योढ़ी नाप रही है उस महिला सिपाही को न्याय नहीं मिला। विभाग की बदनामी का हवाला देकर जांच अधिकारी आरोपित दीवान व अन्य पुलिसकर्मियों को बचाने के लिए तारीख दे रहे हैं। विभाग से निराश आरक्षी ने महिला आयोग से न्याय की गुहार लगाई है। महिला आयोग अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लिया है। इसके बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। राज्य महिला आयोग में दिए गए प्रार्थनापत्र में पीड़िता ने कहा कि कोतवाली देहात में तैनाती के दौरान रंग लगाने की आड़ में दीवान व पुलिसकर्मियों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। बचने के लिए वह परिसर में खड़े ट्रैक्टर पर चढ़ गई। शोर मचाने के बावजूद किसी कर्मचारी ने उसका बचाव नहीं किया। छेड़छाड़ की शिकार आरक्षी ने तत्कालीन कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई लेकिन मामले को दबा दिया। कुछ ही दिन बाद उसके साथ फिर छेड़छाड़ हुई। मामले से आहत आरक्षी ने सीओ सिटी, एएसपी के समक्ष लिखित शिकायत लेकर पेश हुई। इस मामले में सीओ सदर के नेतृत्व में टीम गठित की गई। घटना को आठ माह होने को हैं। पीड़िता के पांच बार बयान दर्ज किए जा चुके हैं।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बताया कि उसको सिर्फ तारीख मिल रही है। एसपी के समक्ष पेश होने पर कार्रवाई के नाम पर तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया लेकिन मुख्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई। जब इसकी शिकायत दोबारा पीड़िता ने एसपी से की तो उन दोनों को भी दो माह बाद लाइन हाजिर किया गया है। यही नहीं शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि पिछले दिनों आरोपित पुलिस कर्मी उसके निजी आवास में रात एक बजे पहुंच गए। हंगामा करने लगे। जिसका वीडियो व ऑडियों भी उसने जांच अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया है लेकिन मुकदमा तक दर्ज नहीं किया जा रहा है। विभागीय सिस्टम से हताश होकर पीड़िता ने महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की रिपोर्ट तलब की जा रही है। आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
सीओ सिटी ज्योति श्री ने बताया कि महिला आरक्षी के मामले की गोपनीय जांच हो रही है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी है। गोपनीय जांच के संबंद्ध कोई अलग से जानकारी नहीं दी जा सकती है।बलरामपुर एएसपी विशाल पांडेय ने बताया कि महिला आरक्षी से जुड़े मामले की जांच आंतरिक समिति कर रही है। मामले की पूरी जांच रिपोर्ट सीधे एसपी को उपलब्ध कराती है। इस मामले में नए अपडेट की जानकारी उनके पास नहीं है।”
