कहते हैं कि इंसान को उसके कर्मों का फल जरूर मिलता है, फिर चाहे कर्म अच्छे हों या बुरे। पलक मुच्छल को भी अपने कर्मों का फल मिला… न न न… आप गलत मत समझिए, अपनी दिलकश आवाज और गानों से लोगों के दिलों पर राज करनेवाली पलक को उनके अच्छे कर्मों का ऐसा फल मिला कि उनका नाम न केवल ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’, बल्कि ‘लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स’ में भी दर्ज हो गया। ‘पलक पलाश चैरिटेबल फाउंडेशन’ के जरिए भारत और उसके बाहर वंचित बच्चों की मदद करते हुए करीब ३,८०० हार्ट सर्जरियों के लिए पैसे जुटानेवाली पलक की मुलाकात ट्रेन में सफर के दौरान जरूरतमंद बच्चों से हुई थी। उन बच्चों से मिलने के बाद उन्होंने अपने आपसे वादा किया था कि एक दिन वे उन बच्चों की मदद जरूर करेंगी। खैर, अपनी कमाई का ज्यादातर हिस्सा लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए खर्च कर देनेवाली पलक को इंसानियत की मिसाल पेश करने की वजह से मिली कामयाबी के लिए बधाई!
