मुख्यपृष्ठसमाचारAI अब भविष्य नहीं, भारत का नया वर्तमान है-किशोर जश्ननानी, AI विश्लेषक

AI अब भविष्य नहीं, भारत का नया वर्तमान है-किशोर जश्ननानी, AI विश्लेषक

`दोपहर का सामना’ विशेष संवाददाता राजन पारकर की AI विश्लेषक किशोर जश्ननानी से खास बातचीत

Artificial Intelligence (AI) आज देश के हर क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है-चाहे वह Governance हो, Health, Education, Finance या Digital Journalism। AI विश्लेषक किशोर जश्ननानी का कहना है कि AI एक साधारण टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि भारत की विकासगाथा को तेज करने वाला परिवर्तनकारी औजार बन चुका है।
Fake News पर रोक, Real-Time Fact-Checking, Automation, Data-Based Decision Making और Youth Skill Development—इन सभी में AI का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है।
जश्ननानी साफ कहते हैं कि AI का उपयोग तभी लाभकारी है, जब उसके साथ Ethical Values, Data Privacy और Human Emotion का संतुलन कायम रखा जाए।
इसी दृष्टिकोण के साथ उन्होंने दैनिक `दोपहर का सामना’ के लिए यह विशेष विश्लेषणात्मक इंटरव्यू दिया।
प्रश्न 1: तेजी से बढ़ती Artificial Intelligence को आप किस रूप में देखते हैं?
किशोर जश्ननानी: Artificial Intelligence (AI) अब सिर्फ Technology नहीं, बल्कि समूचे समाज को प्रभावित करने वाली निर्णायक शक्ति है। Governance, Healthcare, Finance और Public Services अब AI-Driven हो रहे हैं। Automation और Data-Based Decision Making आने वाले वर्षों में हर संस्थान का स्तंभ बनने जा रहे हैं।
प्रश्न 2: पत्रकारिता में AI की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है?
किशोर जश्ननानी: डिजिटल युग की पत्रकारिता Speed, Accuracy और Authenticity पर आधारित है। AI से Real-Time Data Analysis, Fact-Checking और Verification बहुत तेज़ी से होता है। Newsroom में AI-Tools का उपयोग पत्रकारिता की विश्वसनीयता को और मजबूत करता है।
प्रश्न 3: सोशल मीडिया पर फैल रही Fake News को रोकने में AI क्या कर सकता है?
किशोर जश्ननानी: Fake News का प्रसार आज सबसे गंभीर चुनौती है। AI आधारित Detection Algorithms गलत सूचना के पैटर्न तुरंत पकड़ लेते हैं। AI पोस्ट को Flag करता है, संदिग्ध अकाउंट पहचानता है और Misleading Content पर रोक लगाता है। मीडिया संस्थानों को अब AI Verification Tools अनिवार्य रूप से अपनाने चाहिए।
प्रश्न 4: युवाओं के लिए AI सीखना क्यों अनिवार्य होता जा रहा है?
किशोर जश्ननानी: आज का युवा अगर प्रतिस्पर्धा में टिकना चाहता है तो उसे AI Literacy, Machine Learning Basics, Data Skills और Prompt Engineering सीखनी होगी। यह अब Optional Skill नहीं, बल्कि Career Growth का Fundamental Skill बन चुकी है। AI आने वाले दशक में लाखों नए रोजगार लेकर आएगा।
प्रश्न 5: AI उपयोग के दौरान कौनसी सावधानियां जरूरी हैं?
किशोर जश्ननानी: Data Privacy, Ethical Use और Bias-Free Output बेहद महत्वपूर्ण हैं। AI तेज़ है, लेकिन मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक संतुलन की जगह कोई तकनीक नहीं ले सकती। इसलिए जिम्मेदार और पारदर्शी उपयोग ही AI का सही रास्ता है।
AI विश्लेषक किशोर जश्ननानी का स्पष्ट संदेश है-“Artificial Intelligence अवसर भी है और जिम्मेदारी भी।
जिसने इसके सही उपयोग को समझा, वही आने वाले समय की दिशा तय करेगा।”
भारत का भविष्य अब AI के बुद्धिमान, नैतिक और संतुलित उपयोग पर निर्भर करता है।
समाज, मीडिया और युवा-सभी को ऐसी तकनीकी जागरूकता अपनानी होगी जो देश के विकास को सशक्त और सुरक्षित बनाए।

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