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कमला नेहरू संस्थान में पूर्व पीएम पंडित नेहरू की जयंती पर ‘उत्सव’…बच्चों ने मनाया बाल दिवस

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

शहर के विवेकनगर स्थित कमला नेहरू इंस्टीट्यूट आफ चाइल्ड एजुकेशन ने प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर बाल दिवस कार्यक्रम मनाया।कार्यक्रम के शुभारंभ में विद्यालय के विद्यार्थियों ने वंदेमातरम् गाया। तत्पश्चात विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु… प्रार्थना कराई जो कि बहुत ही कर्णप्रिय रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ.एन.डी.सिंह,उप प्रधानाचार्य तन्वी गोयल,समन्वयक रेनू सिंह, वरिष्ठ शिक्षक जगराम भार्गव ने मां सरस्वती,पंडित जवाहरलाल नेहरू तथा बाबू केएन।सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किये।कक्षा सीनियर के.जी.की छात्रा पीहू सिंह ने अंग्रेजी में तथा कक्षा चार की छात्रा आराध्या ने हिंदी में कविता सुनाई।कक्षा-5 की छात्रा रितवी पराशर ने आज का सुविचार तो वहीं कक्षा-5 की ही छात्रा चाहत ने शब्दकोश सुनाया।कक्षा-7 की छात्रा श्रीवाली तिवारी ने आज का मुख्य समाचार पढ़ा।कक्षा-8 की छात्रा अर्पिता गुप्ता ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।कक्षा-10 का छात्र अहमद कलीम ने शपथ दिलाई।कक्षा-10 की ही छात्रा आर्या पाल ने प्रार्थना सभा का संचालन किया।प्री-प्राइमरी के बच्चों की 50 मीटर दौड़,मेंढक दौड़,शंकु दौड़, पेग्विन रेस,रिंग रेस तथा बाधा दौड़ प्रतियोगिता हुई।कक्षा 6,7 तथा 8 के विद्यार्थियों ने रस्साकसी प्रतियोगिता के द्वारा अपने शारीरिक एवं मानसिक शक्ति का प्रदर्शन किया।कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण हेतु लखनऊ ले जाया गया।प्रधानाचार्य जी ने बताया कि आधुनिक भारत के निर्माता एवं महान शिल्पी पं० जवाहरलाल नेहरू एक ऐसे कुशल राष्ट्र निर्माता थे,जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भारत में विभिन्न प्रकार की विविधताओं एवं मतभेदों को उन्होंने भारत की कमजोरी नहीं,अपितु भारत की एक मजबूत ताकत के रूप में उभारने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाचा नेहरू आधुनिक भारत,संप्रभु राष्ट्र, वैज्ञानिक समाजवाद,पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक एवं गणतंत्रात्मक व्यवस्था के वास्तविक शिल्पकार थे।विश्व में भारत अपनी विशिष्ट सभ्यता,संस्कृति,परंपराएं,दर्शन, आस्था,विश्वास एवं अपने नैतिक मूल्यों के लिए अलग पहचान रखता है।वह आधुनिक भारत के दूरदर्शी स्वप्नद्रष्टा थे जिन्होंने अपने प्रसिद्ध पुस्तक ‘भारत की खोज’ के मूल उद्देश्य को साकार करने में अपना योगदान दिया। पंडित नेहरू जी का मानना था कि बच्चों को उचित शिक्षा,स्वास्थ्य और सुरक्षा मिलनी चाहिए।उन्होंने बच्चों के मासूमियत,सच्चाई और वफादारी की भी सराहना की थी।
इस अवसर पर सभी शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। विद्यालय के प्रबंधक एवं पूर्व मंत्री तथा वर्तमान विधायक विनोद सिंह,आशा सिंह समाजसेवी पुलकित सिंह व पलक सिंह ने सभी छात्र-छात्राओं, प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं तथा अन्य कर्मचारियों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

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