एक अलग श्मशान!
सामना संवाददाता / मुंबई
पालतू जानवरों के मालिक कुत्तों और बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों को घर के सदस्यों जितना ही महत्व देते हैं। लेकिन शहर में ऐसे पालतू जानवरों के लिए कोई श्मशान भूमि उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से पालतू जानवरों के मालिकों के लिए किसी कारणवश उनकी मृत्यु हो जाने पर उनका अंतिम संस्कार करना संभव नहीं था। पालतू जानवरों के मालिकों द्वारा पिछले कई सालों से जानवरों के लिए अलग श्मशान भूमि की मांग की जा रही थी। आखिरकार पालतू जानवरों के मालिकों की मांग के आगे मनपा प्रशासन को झुकने को मजबूर होना पड़ा। पालतू जानवरों के मालिकों की मांग को ध्यान में रखते हुए ठाणे मनपा ने माजीवाड़ा इलाके में पहला पालतू श्मशान भूमि बनाई है। इससे पालतू जानवरों का अंतिम संस्कार संभव हो सकेगा, जिससे पालतू जानवरों के मालिकों में संतोष की भावना देखी जा रही है।
मोबाइल क्लिनिक और एंबुलेंस उपलब्ध
ठाणे शहर में कुत्तों और बिल्लियों जैसे पालतू जानवरों की बड़ी संख्या है। लेकिन ठाणे में पालतू जानवरों के अंतिम संस्कार के लिए कोई श्मशान भूमि नहीं थी। जहां इन पालतू जानवरों की बीमारी व अन्य कारण से होने वाली मौत के बाद अंतिम संस्कार किया जा सके। इसलिए, पशु मालिकों द्वारा पालतू जानवरों के लिए एक श्मशान की मांग की जा रही थी। इसके बाद, ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव ने ठाणे के कोपरी, कलवा और माजीवाड़ा में पालतू और छोटे जानवरों के लिए श्मशान भूमि योजना को लागू करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने घोषणा की थी कि मनपा क्षेत्र में पालतू जानवरों और छोटे जानवरों के लिए एक मोबाइल क्लिनिक और एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई जाएगी। महाराष्ट्र में गैस बर्नर वाला पहला आधुनिक श्मशान माजीवाड़ा में स्थापित किया गया है। इस श्मशान में पालतू जानवरों को औपचारिक तरीके से अंतिम विदाई देने के लिए व्यवस्था की गई है। श्मशान में एपीसी तकनीक से बनी चिमनी से प्रदूषण में ७० प्रतिशत की कमी आएगी। यह चिमनी ३० मीटर लंबी होगी।
