शरद पवार ने कहा कि अगर सत्ता में बैठे लोग चुनावों में मतदान से पहले इस तरह से पैसे बांटते हैं तो यह चिंता की बात है। इससे पूरी चुनावी व्यवस्था पर से जनता का भरोसा उठ जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस पर विचार करना चाहिए कि इतनी बड़ी रकम बांटना सही है क्या? पवार ने यह भी कहा कि दस हजार रुपए कोई छोटी रकम नहीं होती है।
सामना संवाददाता / मुंबई
बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्ववाले एनडीए को बड़ी जीत मिली है। बिहार के इन नतीजों के बाद विपक्षी दलों की ओर से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं और आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने इस नतीजे पर गंभीर टिप्पणी की है। इस नतीजे पर टिप्पणी करते हुए शरद पवार ने कहा है कि अगर पैसे बांटकर चुनाव कराए जा रहे हैं तो इस पर विचार किया जाना चाहिए।
शरद पवार ने चुनावों से पहले लागू की गई योजनाओं को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में भी इसी तरह के पैसे बांटे गए थे। शरद पवार ने यह भी कहा है कि सत्ताधारी पार्टी पैसे बांटकर चुनाव का सामना करेगी, ऐसा मैंने नहीं सोचा था।
शरद पवार ने कहा कि इस नतीजे के बारे में दो-तीन बातें हैं। मैंने इस चुनाव में हुए मतदान के बारे में कुछ लोगों से बात की तो उन लोगों ने बताया कि बिहार में महिलाओं की इतनी बड़ी संख्या में मतदान में भागीदारी का मतलब यह दस हजार रुपए देने की योजना का नतीजा होगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में भी चुनाव से पहले पैसे बांटे गए थे। ऐसा नहीं है कि वोट के साथ पैसा बांटे गए थे। पैसे आधिकारिक तौर पर बांटे गए थे। इस बार बिहार में भी ऐसा ही हुआ है। दस हजार रुपए कोई छोटी रकम नहीं है।
