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नर्सिंग में ‘फर्जीवाड़े’ का भंडाफोड़ : पकड़ा गया नकली सर्टिफिकेट रैकेट!

सरकारी अस्पतालों में बनावटी ट्रेनिंग
महाराष्ट्र नर्सिंग काउंसिल ने सीएनई सत्र पर लगाया ताला

सामना संवाददाता / मुंबई
नर्सिंग में ‘फर्जीवाड़े’ का महाभंडाफोड़ सामने आने के बाद पूरा स्वास्थ्य तंत्र हिल गया है। बताया गया है कि फर्जी सर्टिफिकेट रैकेट पकड़ा गया, जिसमें सरकारी अस्पतालों में नकली ट्रेनिंग सत्र करवाकर वैâश के बदले सर्टिफिकेट बांटे जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र नर्सिंग काउंसिल ने पूरे राज्य के सीएनई सत्रों पर ताला जड़ दिया, जिसके बाद सिस्टम में हड़कंप मच गया है।
इस कार्रवाई के चलते नर्सों में दहशत का माहौल है, क्योंकि देरी होने पर उनका लाइसेंस रिन्यूअल अटकने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। महाराष्ट्र नर्सिंग काउंसिल ने राज्यभर में आयोजित होनेवाले सतत नर्सिंग शिक्षा सत्रों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। यह कार्रवाई सरकारी अस्पतालों में कथित फर्जी सीएनई सत्रों, उनकी प्रामाणिकता पर सवाल और नर्सों से पैसे लेकर सर्टिफिकेट बांटने जैसी शिकायतों की चल रही जांच के बीच की गई है। एमएनसी के अध्यक्ष डॉ. रामलिंग बी. माली के मुताबिक बिना मंजूरी के आयोजित संदिग्ध सत्रों पर लगातार शिकायतें आने के बाद जांच शुरू की गई। उन्होंने कहा कि हमें पांच दिनों में रिपोर्ट की उम्मीद थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से देरी हुई है। अब रिपोर्ट अगले सात से दस दिनों में मिलने की संभावना है।
हम पर निशाना साधने की साजिश
ट्रेंड नर्सेस एसोसिएशन महाराष्ट्र के अध्यक्ष राजाभाऊ राठौड़ के मुताबिक संगठन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रहा है। उन्होंने बताया है कि हमने सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं। यह पूरा मामला ऐसा लगता है जैसे किसी ने हमारी और एसोसिएशन की छवि धूमिल करने की कोशिश की हो। हम १९८८ के बाद पहला राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहे हैं और ठीक उससे पहले ये विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें अनुमति पर रोक की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और अगले दो महीनों तक सम्मेलन के कारण कोई नया सीएनई सत्र आयोजित करने की योजना भी नहीं थी।

नर्सों में बढ़ी चिंता
काउंसिल के इस पैâसले का जहां कइयों ने स्वागत किया है, वहीं बड़ी संख्या में नर्सें चिंतित हैं। भाभा अस्पताल की एक नर्स ने कहा कि आमतौर पर जांच में या तो सर्टिफिकेट रद्द होते हैं या वैध माने जाते हैं। उम्मीद है इस बार भी सही पैâसला होगा। एक अन्य नर्स ने बताया कि पांच साल में १५० क्रेडिट पॉइंट पूरे करना पहले ही मुश्किल है। अगर ये सत्र रद्द हुए, तो लाइसेंस नवीनीकरण खतरे में पड़ जाएगा।

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