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बांद्रा किले पर आधी रात हुई शराब पार्टी! …शिवसेना का सरकार और मनपा पर जबरदस्त हमला

-बोली- ‘हिंदुत्व का ढोंग’ हुआ उजागर

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के ऐतिहासिक गौरव बांद्रा किले पर आधी रात हुई शराब पार्टी का नंगा-नाच सामने आते ही माहौल सुलग उठा है। हेरिटेज पर बदमाशी के इस खुले खेल को उजागर करते हुए शिवसेना ने सरकार और मनपा पर जबरदस्त हमला बोला है। शिवसेना का आरोप है कि बांद्रा किले पर दारू महफिल को किसने दी, यह सबसे बड़ा सवाल है। हालांकि, राज्य सरकार, मनपा और उत्पाद शुल्क विभाग ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने का काम किया है। इसके साथ ही इस घटना ने भाजपा के ‘हिंदुत्व का ढोंग’ भी बेनकाब कर दिया है।
बांद्रा किले पर आधी रात हुई शराब पार्टी का वीडियो सामने आते ही मुंबई का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। महाराष्ट्र के इतिहास के गवाह और संरक्षित हेरिटेज स्थलों में शामिल बांद्रा किले पर शराब पार्टी होने का आरोप शिवसेना ने लगाया है। शिवसेना के अखिल चित्रे ने यह वीडियो ‘एक्स’ पर साझा करते हुए राज्य सरकार, उत्पाद शुल्क विभाग और मुंबई मनपा के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चित्रे ने इस घटना के पीछे भाजपा और उसके सहयोगियों के ‘ढोंगी हिंदुत्व’ होने का आरोप लगाया है।
पार्टी की कैसे दी गई अनुमति?
अखिल चित्रे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए बताया कि यह घटना १६ नवंबर की आधी रात की है। उनका दावा है कि यह वीडियो स्थानीय नागरिकों ने ही रिकॉर्ड किया है। चित्रे ने अपनी पोस्ट में प्रशासन से सीधे सवाल पूछा है कि महाराष्ट्र के किलों पर यह क्या शुरू है? पुर्तगालियों द्वारा बनाया गया और मराठा इतिहास के गवाह बांद्रा किला जैसे हेरिटेज स्थल पर शराब पार्टी की अनुमति महाराष्ट्र सरकार का उत्पाद शुल्क विभाग और मनपा देते ही वैâसे हैं? इतना ही नहीं उन्होंने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि इस पार्टी के आयोजन में महाराष्ट्र पर्यटन विभाग भी शामिल है।

कहां हैं सांस्कृतिक मंत्री शेलार?
इस घटना को लेकर चित्रे ने भाजपा की राजनीतिक नीति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा है कि राजधानी मुंबई के उपेक्षित किलों से शुरुआत करनी है और अगर विवाद नहीं हुआ, तो ऐसी शराब पार्टियों का सिलसिला महाराष्ट्र के अन्य किलों तक ले जाना है। यही भाजपा और उसके सहयोगी दलों का ढोंगी हिंदुत्व है। इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री की चुप्पी पर भी चित्रे ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि आखिर चल क्या रहा है? स्थानीय विधायक और ‘सांस्कृतिक मंत्री’ आशीष शेलार कहां हैं?

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