सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे जिले के भाजपा नेताओं के रडार पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके पुत्र सांसद डॉ श्रीकांत शिंदे हैं। यही कारण है कि भाजपा नेताओं ने कल्याण-डोंबिवली और ठाणे का महापौर भाजपा का होगा, यह घोषणा करके शिंदे पिता-पुत्र के जख्मों पर नमक छिड़क दिया है। वहीं शिंदे पिता-पुत्र की जोड़ी ऐसे कदम उठा रहे है कि कल्याण, डोंबिवली, ठाणे जैसे क्षेत्रों में भाजपा को मौका न मिले और अपना वर्चस्व कायम रहे, लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण से लेकर वन मंत्री गणेश नाईक, विधायक संजय केलकर जिस प्रकार से सीधे एकनाथ शिंदे को निशाना बना रहे हैं। उससे शिंदे गुट के पदाधिकारी हैरान और परेशान हैं।
बता दें कि मंत्री बनने के बाद नाईक ने जिस प्रकार से सीधे शिंदे पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘ठाणे में सत्ता लानी है तो अहंकारी रावण को जला दो’, नाईक का यह बयान शिंदे समर्थकों के लिए चौंकाने वाला था। इसके अलावा नाईक को जब भी और जहां भी मौका मिलता है, शिंदे पर निशाना साधते नजर आते हैं। संजय केलकर ठाणे मनपा के व्याप्त का भ्रष्टाचार और घोटाले को लेकर सीधे शिंदे पर निशाना साध रहे हैं। इन सबके बीच बदलापुर विधायक किसन कथोरे ने सीधे अजीत पवार की पार्टी के साथ गठबंधन का एलान कर दिया और शिंदे गुट को किनारे कर दिया। उक्त स्थितियों को देखते हुए यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा नेताओं के रडार पर शिंदे है। भाजपा नेताओं द्वारा लगातार हो रहे शिंदे पर हमले के बाद भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जिस प्रकार से चुप हैं, इससे स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि मुख्यमंत्री के इशारे पर भाजपा नेताओं द्वारा शिंदे पर हमले किए जा रहे हैं। पर भाजपा नेताओं द्वारा किए जा रहे हमले देवेंद्र फडणवीस के इशारे पर हो रहे हैं।
