सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना विधायक वरुण सरदेसाई की ओर से लगातार एक साल की भागदौड़ भरी लड़ाई, दबाव और फॉलो-अप आखिरकार रंग लाया। उनकी इस लड़ाई के सामने मुंबई मनपा को झुकना पड़ा और बांद्रा के लिए ५४ करोड़ रुपए के ‘मेगा रोड पैकेज’ को मंजूरी दे गई है। इस मंजूरी के साथ ही इलाके की १९ जर्जर और उपेक्षित सड़कों को अब पूरी तरह नया रूप मिलेगा। इस विशाल प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के साथ ही विकास का इंतजार कर रहे बांद्राकरों के लिए यह एक बड़ी जीत है।
उल्लेखनीय है कि बांद्रा-पूर्व की गलियों में सालों से उपेक्षित, टूटे और खस्ताहाल पड़े १९ महत्वपूर्ण रास्तों की मरम्मत अटकी हुई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए शिवसेना विधायक वरुण सरदेसाई बीते एक वर्ष में विधानसभा से लेकर डीपीडीसी, मनपा आयुक्त से लेकर अतिरिक्त आयुक्त तक लगातार बैठकों, पत्राचार और फॉलो-अप करते रहे। इसके बाद १९ सड़कों के नवीनीकरण के लिए ५४ करोड़ रुपए फंड की मंजूरी संभव हो पाई। ऐसे में अब इन सड़कों को नए सिरे से पुनर्निर्मित किया जाएगा, जिससे हजारों नागरिकों को रोजमर्रा की बड़ी राहत मिलने वाली है। इस पैकेज में कार्डिनल ग्रेसियस स्कूल रोड, भारतनगर इंटरनल रोड, नवजीवन सोसायटी रोड, प्रभात व्यायामशाला मार्ग, आदर्श लेन, लोकमान्य तिलक मार्ग, साईबाबा रोड, चांभाडावाडी के चारों मुख्य मार्ग, परिश्रमालय रोड, भूमिया माता मंदिर मार्ग, दीपकवाडी रोड, शिवाजीनगर कॉलोनी रोड, जी-जेड गार्डन से सटा मार्ग, वाकोला पाइपलाइन एक्सटेंशन, महात्मा सोसायटी रोड और हनुमान टेकड़ी रोड शामिल हैं, जिन्हें जल्द ही पूरी तरह नया रूप दिया जाएगा।
जल्द शुरू हो सकता है काम
आगामी महीनों में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम तेजी से शुरू किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन का दावा है कि सभी १९ सड़कों को उच्च गुणवत्ता वाले मैस्टिक अस्फाल्ट से तैयार किया जाएगा, जिससे आने वाले कई वर्षों तक सड़कें न केवल मजबूत रहेंगी, बल्कि बारिश और भारी ट्रैफिक के दबाव में भी खराब नहीं होंगी। परियोजना पूरी होते ही बांद्रा-ईस्ट की तस्वीर बदलने वाली है और नागरिकों को आखिरकार लंबे समय बाद राहत मिलेगी।
तय अवधि में काम पूरा होने की उम्मीद
शिवसेना विधायक वरुण सरदेसाई ने कहा कि उम्मीद है कि काम समयबद्ध तरीके से शुरू होकर तय अवधि में पूरा होगा, ताकि हजारों नागरिकों को रोज की जाम, धूल-धक्कड़ और गड्ढों की परेशानी से आखिरकार छुटकारा मिल सके। उन्होंने कहा कि फंड मंजूर होने के बाद अब स्थानीय नागरिकों में भी उम्मीदों का नया उत्साह दिखाई दे रहा है। सालों से उपेक्षित इन सड़कों की मरम्मत न होने से लोगों को ट्रैफिक जाम, दुर्घटना का खतरा, जलभराव और रोजमर्रा की भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
