बोले- पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रही महिला आतंकी
सामना संवाददाता / मुंबई
दिल्ली ब्लास्ट में शामिल लखनऊ की डा. शाहीन सईद ने पूछताछ में जो खुलासा किया है, उससे हड़कंप मच गया है। पति, बच्चे और नौकरी छोड़कर आतंकी क्यों बनी इसकी वजह जो उसने बताई उससे हलचल मच गई है। १० साल से आतंकी मंसूबों को अंजाम देने वाली शाहीन ने बयान में कहा है कि ‘अब कौम का कर्ज उतारने का समय आ गया है। साल २०२१ में शाहीन ने पति, बच्चे और नौकरी को छोड़ते हुए कहा था परिवार और नौकरी में क्या रखा है? अपने लिए बहुत जी लिए और अब कौम के लिए काम करना है।
शाहीन द्वारा दिए गए इस तरह के बयान पर आल इंडिया सुन्नी जमितुल के सेक्रेटरी मौलाना खलिउररहमान नूरी से जब बात की गई, तो उन्होंने बताया शाहीन का बयान सरासर बकवास है। यह सब मनगढंत कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश है। यह तो कौम को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने ने कहा बेगुनाहों का कत्ल करना यानि कि पूरी इंसानियत का कत्ल करने के बराबर है। मौलाना खलिउररहमान ने यह भी कहा दिल्ली बम ब्लास्ट की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और गुनहगारों को सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए। निर्दोष लोगों की जान लेने वाले को जिंदा रहने का कोई हक नहीं है।
वहीं आल इंडिया उलेमा काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी और पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर महमूद दरियाबादी ने कहा अगर शाहीन ने इसतरह का बयान दिया है तो वह सरासर गैर जरूरी बयान है। फालतू स्टेटमेंट देकर मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिश है। इस्लाम में बेगुनाहों को मारने वालों की कोई जगह नहीं है। उर्दू अखबार के वरिष्ठ पत्रकार सईद हमीद ने कहा क्या बम धमाके में मुसलमान नहीं मारे गए? अगर कौम की इतनी फिक्र होती तो इस तरह की हरकत नहीं करती। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान कानून में विश्वास रखते हैं। अगर कहीं नाइंसाफी हो रही है तो कानून का रास्ता है, लेकिन इस तरह बेगुनाहों को मारना सरासर गलत है। बम धमाके में मारे गए लोगों में हर कौम के लोग थे, उन्होंने किसका क्या बिगाड़ा था।
२०१५ में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़ी
लेडी आतंकी शाहीन के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि शाहीन साल २०१५ से पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन से जुड़ी थी और २०१६ में सक्रिय सदस्य बनी। एक और अहम खुलासा हुआ है कि वह विदेश भागने की फिराक में थी, लेकिन पासपोर्ट वेरिफिकेशन रिपोर्ट तैयार होने में देरी होने के कारण उसका प्लान फेल हो गया।
