मुख्यपृष्ठअपराधतहकीकात : औरतों को ब्रेनवॉश कर बनाया जा रहा ‘टेरर लेडी'

तहकीकात : औरतों को ब्रेनवॉश कर बनाया जा रहा ‘टेरर लेडी’

फिरोज खान
पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश के मुखिया मसूद अजहर ने अब अपने आतंक अभियान में महिलाओं को शामिल करने की शुरुआत की है। संगठन के प्रमुख मसूद अजहर का एक २१ मिनट का ऑडियो सामने आया है, जिसमें उसने महिलाओं के लिए नया आतंकी विंग जमात-उल-मोमिनात बनाने की घोषणा की है। अक्टूबर महीने में महिला ब्रिगेड बनाने की घोषणा की गई और तकरीबन १,५०० महिलाओं को आतंकी संगठन में शामिल कर लिया गया। औरतों को ट्रेनिंग के दौरान उनका ब्रेन वाश इस कदर कर दिया जाता है कि पति, बच्चे, परिवार और दुनिया बेसुध नजर आने लगती है। यहां तक कि महिलाओं को दुनिया से नफरत हो जाती है और वे सब कुछ छोड़- छाड़कर आतंकी संगठन के लिए समर्पित हो जाती हैं। इसका ताजा उदाहरण दिल्ली ब्लास्ट में नजर आया, जो बेहद खतरनाक नजर आया। दिल्ली ब्लास्ट में शामिल लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद ने पूछताछ में जो खुलासा किया है, उससे हड़कंप मच गया है। पति, बच्चे और नौकरी छोड़कर आतंकी क्यों बनी इसकी वजह जो उसने बताई उससे हलचल मच गई है। आतंकी मंसूबों को अंजाम देने वाली शाहीन ने बयान में कहा है कि ‘अब कौम का कर्ज उतारने का समय आ गया है।’ साल २०२१ में शाहीन ने पति, बच्चे और नौकरी को छोड़ते हुए कहा था परिवार और नौकरी में क्या रखा है? अपने लिए बहुत जी लिए और अब कौम के लिए काम करना है। शाहीन के इस तरह के बयान से साफ होता है कि आतंकी संगठन ने उसका बहुत अच्छी तरह से ब्रेन वाश किया, जिसके चलते सब कुछ कुर्बान करके मर मिटने को तैयार हो गई। महिलाओं का ना सिर्फ ब्रेन वाश किया जाता है बल्कि उन्हें खतरनाक हथियार चलाने, बम धमाके कराना और आत्मघाती हमला करने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। मसूद अजहर द्वारा जारी ऑडियो क्लिप में वह कहता है। नई ब्रिगेड के तहत महिलाओं के प्रशिक्षण और उनकी तैनाती की विस्तृत रूपरेखा की तैयारी की जा रही है। इस ऑडियो में उसने अपने दीर्घकालिक ‘वैश्विक जिहाद’ वाले दृष्टिकोण के तहत महिलाओं की भर्ती, प्रशिक्षण और उनके इस्तेमाल का तरीका बताया है। मसूद अजहर ने यह भी दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद के पुरुष मुजाहिद इस नई महिला ब्रिगेड के साथ खड़े होंगे और यह महिला ब्रिगेड ‘दुनिया भर में इस्लाम का प्रसार करेगी।’ उसने घोषणा की कि पाकिस्तान के हर जिले में जमात-उल-मोमिनात की शाखाएं स्थापित की जाएंगी, जिनमें से प्रत्येक का नेतृत्व एक जिला मुंतजिमा करेगा जो संगठन में महिलाओं की भर्ती के लिए जिम्मेदार होगा।

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