मुख्यपृष्ठस्तंभअंडरवर्ल्ड सीक्रेट :  कराची के कब्रिस्तान में दाऊद का गेम बज जाता!

अंडरवर्ल्ड सीक्रेट :  कराची के कब्रिस्तान में दाऊद का गेम बज जाता!

-पहली बार डी कंपनी को मिली थी खुली चुनौती

सूरज सिंह

दाऊद की बेटी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार कराची में होना था। छोटा राजन को लगा यही सही मौका है। इस मिशन की जिम्मेदारीr सौंपी गई विक्की मल्होत्रा को।
सूत्रों के मुताबिक, विक्की नेपाली पासपोर्ट पर काठमांडू से कराची पहुंचा। वहां उसने एक अंतरराष्ट्रीय शस्त्र तस्कर से दो AK-47 राइफलें खरीदीं। योजना साफ थी ‘जब दाऊद कब्रस्तिान में अपनी बेटी को दफनाने आएगा, तभी हमला किया जाएगा, लेकिन यह योजना कागज पर ही रह गई। आईएसआई को इसकी भनक लग गई और मिशन फेल हो गया। बता दें कि आईएसआई के एजेंटों ने उस शस्त्र तस्कर को पकड़ लिया, जिसने कबूल किया कि उसने दो नेपाली युवकों को AK-47 बेची हैं। नतीजा-दाऊद सतर्क हो गया। वह कब्रिस्तान पहुंचा ही नहीं। जब विक्की और उसका साथी वहाँ पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि पूरा इलाका सुरक्षा बलों से पटा पड़ा है। दाऊद का नामोनिशान नहीं था। मजबूरी में दोनों ने हथियार वहीं फेंक दिए और बलूचिस्तान होते हुए अफगानिस्तान भाग निकले, लेकिन दाऊद को मारने का उनका मंसूबा खत्म नहीं हुआ। पहली नाकामी के बाद भी राजन गैंग रुका नहीं। इस बार विक्की और उसका साथी बांग्लादेशी पासपोर्ट के ज़रिए नेपाल और फिर वहां से दुबई पहुंचे।
वहां दो AK-47 दो पिस्तौल और दो लीड टीवी खरीदे गए हथियारों को टीवी सेटों के अंदर छिपाया गया। इसके बाद विक्की ने ६० करोड़ रुपए की एक नौका खरीदी और समुद्र के रास्ते दुबई रवाना हुआ। दुबई में उसने इंडिया क्लब के सामने ५६ मंजिला इमारत में एक फ्लैट किराए पर लिया। योजना थी कि जैसे ही दाऊद इंडिया क्लब आएगा, वहीं उसका काम तमाम कर दिया जाएगा। दुबई पुलिस की नज़र कई महीनों तक दाऊद इंडिया क्लब नहीं आया। इस बीच दुबई पुलिस को फ्लैट में रह रहे इन दो संदिग्धों पर शक हुआ। तलाशी ली गई, लेकिन हथियार टीवी के भीतर छिपे होने के कारण कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
विक्की समझ चुका था कि वह दुबई पुलिस और दाऊद-दोनों की नज़र में आ चुका है।१९ जनवरी २००३ को इंडिया क्लब में गोलियां खुद को घिरा देख विक्की ने इंतजार छोड़ दिया। एक दिन उसने टीवी सेटों से हथियार निकाले और इंडिया क्लब पर हमला कर दिया। १९ जनवरी २००३ को दाऊद के बेहद करीबी और ‘डैनी’ के नाम से मशहूर शरद शेट्टी की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
यह हमला सीधे-सीधे दाऊद इब्राहिम को चुनौती था। कब्रिस्तान में नाकाम कोशिश से लेकर दुबई में शरद शेट्टी की हत्या तक विक्की मल्होत्रा छोटा राजन की उस रणनीति का चेहरा था, जिसने दाऊद के साम्राज्य को पहली बार खुली चुनौती दी। यह कहानी सिर्फ एक हत्या की नहीं, बल्कि उस गैंगवार की है जिसने मुंबई के अंडरवर्ल्ड का नक्शा हमेशा के लिए बदल दिया।

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