एम एम एस
‘शौहर की तबीयत खराब थी। लिहाजा, इलाज के लिए वो दूसरे शहर चले गए… जब वह घर पर नहीं थे तो मेरे जेठ ने मेरे साथ दुष्कर्म किया… जब उसने इस बात की शिकायत दूसरे जेठ से की तो उसने भी उसकी इज्जत को तार-तार कर दिया…’ डबरा शहर की रहनेवाली २५ वर्षीय पीड़िता ग्वालियर के महिला थाने में आपबीती सुना रही थी।
जेठ ने लूटी अस्मत
पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के मुताबिक, ५ मई, २०२३ को उसका निकाह डबरा के एक युवक के साथ हुआ था। शादी के पहले साल सब कुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद शौहर की तबीयत बिगड़ने लगी। वो इलाज के लिए बार-बार रतलाम के हुसैन टेकरी शरीफ जावरा जाता था और २०-२० दिन घर से बाहर रहता। इसी दौरान दोनों जेठों ने उसकी अस्मत लूटी।
बेटी को मार डालने की धमकी
१० जनवरी, २०२५ की रात करीब १ बजे मंझला जेठ उसके कमरे में घुस आया और उससे दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसने पीड़िता की १० महीने की मासूम बेटी को मार डालने की धमकी दी। इसके बाद बड़ा जेठ भी कमरे में आया और उसने भी वही घिनौना कृत्य दोहराया। पीड़िता ने बताया कि कमरे के दरवाजे पर कूलर रखा होने के कारण दरवाजा बंद नहीं था, जिसका फायदा जेठों ने उठाया। दोनों जेठों ने दावा किया कि किसी ने उन्हें बताया था कि ‘ऐसा करने से तुम्हारे पति का स्वास्थ्य ठीक हो जाएगा।’
पति ने दिया झूठा करार
फरवरी २०२५ में जब पीड़िता का पति जावरा से लौटा, तो उसने हिम्मत जुटाकर पति को सारी बात कह सुनाई। लेकिन अपने बड़े भाइयों पर गुस्साने के बजाय पति ने उसकी बात को झूठ करार देते हुए उल्टा उसके साथ मारपीट की। इसके बाद २३ फरवरी, २०२५ को पति और पीड़िता जंगीपुरा के घर से बाजार वाले घर में रहने चले गए। लेकिन वहां भी जेठों की हैवानियत जारी रही। जब पति घर पर नहीं होता, जेठ मौका पाकर उसके साथ दुष्कर्म करते।
तंग आकर पीड़िता अपने मायके चली गई। मायके वालों को उसने अपनी दर्दनाक आपबीती सुनाई। परिजनों ने समाज और परिवार के लोगों को बुलाकर पंचायत बुलाई, लेकिन ससुराल पक्ष से कोई भी पंचायत में शामिल नहीं हुआ। आखिरकार, थक-हारकर पीड़िता अपने परिवार के साथ ग्वालियर के महिला थाने पहुंची और दोनों जेठों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
