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एसआईआर के नाम पर लोकतंत्र की चीरफाड़! …वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने पर भड़की कांग्रेस

-ईसी पर लगाया ऐतिहासिक गड़बड़ी का आरोप
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की ओर से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन प्रक्रिया के बाद जारी की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। ड्राफ्ट लिस्ट में ६ जनवरी को जारी की गई लिस्ट में करीब २.८९ करोड़ वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं, इस तरह से अब कुल वोटर्स की संख्या १५.४४ करोड़ से घटकर १२.५५ करोड़ रह गई। विपक्षी दल इसे ‘लोकतंत्र की हत्या’ और ‘साजिश’ बता रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुरुदीप सिंह सप्पल का आरोप है कि उनके पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला है और कहा है कि चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर लोकतंत्र की चीरफाड़ कर रहा है।
गुरुदीप सिंह सप्पल ने दावा किया कि वे २००३ से वोटर हैं, उनके पास पासपोर्ट, आधार, जन्म प्रमाण पत्र, बैंक खाते और संपत्ति के कागज मौजूद हैं, इसके बावजूद उनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटा दिया गया। उनका कहना है कि घर शिफ्ट करने वाले वोटरों को एसआईआर के नाम पर बाहर कर दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि ये सीधे तौर पर मताधिकार पर सीधा प्रहार है। गुरदीप सिंह सप्पल ने दावा किया कि उनका और उनके परिवार के सदस्यों के नाम एसआईआर से गायब हैं। उन्होंने कहा कि उनका नाम सिर्फ इस आधार पर काट दिया गया कि उन्होंने अपना नाम साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र से नोएडा विधानसभा क्षेत्र में स्थानांतरित कराया था। सोशल मीडिया में एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने लिखा, `उत्तर प्रदेश की एसआईआर मसौदा सूची प्रकाशित हो गई है। इसमें मेरा और मेरे परिवार का नाम गायब है, जबकि हमारे नाम २००३ की मतदाता सूची में शामिल थे, हमारे नाम पिछले चुनाव की मतदाता सूची में भी शामिल थे और हमारे माता-पिता के नाम भी २००३ की मतदाता सूची में शामिल थे।’

ईसी के जवाब में बड़ा झोल
कांग्रेस नेता के आरोपों पर यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के `एक्स’ हैंडल से जवाब भी दिया। जवाब में लिखा गया कि बीएलओ ने अपना काम नियम के अनुसार किया है। वहीं, उन्हें अब फॉर्म ६ भरना होगा। जवाब में लिखा गया, गुरदीप जी धन्यवाद! हालांकि, चुनाव आयोग के इस जवाब से सप्पल ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि ईसी के जवाब में पूरी तरह से झोल है।

`मुझे कांग्रेसी होने की मिली सजा’
गुरदीप सिंह सप्पल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि उत्तर प्रदेश की ड्राफ्ट एसआईआर वोटर लिस्ट में उनका और उनके परिवार का नाम गायब है। उन्होंने ये भी कहा कि उनके पास सारे कागजात हैं और २००३ की वोटर लिस्ट में भी उनके नाम थे। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि उन्हें कांग्रेसी होने की सजा मिल रही है।

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