मुख्यपृष्ठनए समाचारमनपा चुनाव से पहले भाजपा में भारी असंतोष!

मनपा चुनाव से पहले भाजपा में भारी असंतोष!

-पार्टी के भीतर मची अंदरूनी कलह टिकट न मिलने से कई उम्मीदवार नाराज

द्रुप्ति झा / मुंबई

बीजेपी में अंदरुनी बनाम बाहरी की बहस पहले भी छिड़ चुकी है, लेकिन इस बार के मनपा चुनाव में यह विरोध ज्यादा ही देखा जा रहा है। कई नेताओं की नाराजगी इतनी ज्यादा है कि उन्हें मनाने के लिए मुख्यमंत्री को अपने मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ड्यूटी लगानी पड़ रही है। नए चेहरों को टिकट दिए जाने के चलते पुराने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में भारी असंतोष व्याप्त हो गया है। भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं का आरोप है कि मनपा चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों को सबसे ज्यादा टिकट दिए गए हैं।
मुंबई में पार्टी ने  १५ से भी ज्यादा बाहरी उम्मीदवारों को टिकट दिए हैं। कांदिवली के वार्ड नंबर २७ से पूर्व नगरसेविका सुरेखा पाटील को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। टिकट काटे जाने के बाद सुरेखा पाटील के समर्थकों और भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गई, जिससे पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह सामने आई।
४२ पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा
हालात इस कदर खराब हुए कि नागपुर में पार्टी के ४२ पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। नासिक में बगावत इतनी ज्यादा हो गई कि टिकट न मिलने पर स्थानीय नेताओं ने जिलाध्यक्ष का पीछा तक किया और उनके फार्म हाउस में घुस गए। इसके बाद मुंबई समेत कई जिलों के साथ-साथ नासिक में भी भाजपा मुख्यालय के बाहर अतिरिक्त पुलिस फोर्स को तैनात करना पड़ा था।
हाई कोर्ट से भी उम्मीदवारों को झटका
अगले सप्ताह होने वाले मुंबई मनपा चुनाव में भाग लेने के इच्छुक कई उम्मीदवार कल हाई कोर्ट के पैâसले से निराश हुए। न्यायालय ने इस मामले में दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विभिन्न कारणों से खारिज किए गए इन उम्मीदवारों के आवेदनों को दोबारा दाखिल करने की अनुमति देना चुनाव प्रक्रिया में अंतिम समय में बाधा उत्पन्न करने के समान होगा। अदालत ने मनपा की इस दलील को भी स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता की मांग जनहित याचिका के माध्यम से नहीं की जा सकती।

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