सामना संवाददाता / मुंबई
गोरेगांव में शनिवार तड़के रूह को कंपा देनेवाली घटना घटित हुई। एक मकान में अचानक आग लग गई। गहरी नींद में सो रहे परिवार की आंख खुली तो देखा मकान चारों तरफ से आग की लपटों से घिर चुका था। १२ साल के बच्चे ने जान बचाने के लिए घर से बाहर भागना चाहा, लेकिन चारों तरफ आग के शोले दहक रहे थे। मौत उसके पीछे मंडरा रही थी। बच्चा चीखते-चिल्लाते बाथरूम में जाकर छिप गया, लेकिन वह वहां भी बच नहीं पाया और आग में झुलसकर उसकी मौत हो गई।
१९ साल की युवती भी अपने आपको बचाने के लिए छटपटा रही थी। आग की लपटों और धुएं से वह भी बच नहीं पाई और उसने भी तड़पकर दम तोड़ दिया। ४८ साल के पिता का हाल और बुरा था। चाहकर भी अपने बच्चों को बचा नहीं पाया और खुद भी आग का शिकार हो गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की झुलसकर मौत होने से गोरेगांव-पश्चिम के भगत सिंह नगर में मातम पसर गया। खुशकिस्मती से बच्चों की मां बच गई, क्योंकि वह नाइट ड्यूटी पर गई हुई थी।
गोरेगांव (पश्चिम) स्थित भगत सिंह नगर में शनिवार तड़के करीब ३ बजे एक घर में प्रिâज ब्लास्ट के बाद आग लग गई। मकान में १९ वर्षीय हर्षदा, १२ वर्षीय कुशल और ४८ वर्षीय संजोग सो रहे थे, तभी अचानक धमाका हुआ और मकान आग की लपटों से घिर गया। पूरा मकान धुएं से भर गया। आग इतनी तेजी से पैâली कि अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इस घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि फ्रिज में शॉर्टसर्किट या गैस लीक के कारण विस्फोट हुआ होगा। हालांकि, वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि घर की दीवार पर प्लास्टिक वाल पेपर लगे होने के कारण पलभर में मकान आग की चपेट में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि प्रâीज कंप्रेसर फटने से ब्लास्ट हुआ या सिलिंडर फटने से। फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही आग लगने का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धमाका काफी जोर का था। लोग कुछ समझ पाते इससे पहले मकान धू-धू कर जलने लगा।
