-काशीमीरा में ‘ठक-ठक’ गैंग फिर से एक्टिव एक ही दिन में दो वारदातों को दिया अंजाम
सुरेश गोलानी / भायंदर
काफी समय तक गायब रहने के बाद काशीमीरा की सड़कों और महामार्ग पर फिर एक बार कुख्यात ठक-ठक गैंग का आतंक देखने को मिल रहा है। इस गैंग के सदस्य बेहद चालाकी से चलती कार को निशाना बनाते हैं और पलक झपकते ही कीमती सामान लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे ही एक मामले में मीरा रोड में रहने वाले ४५ वर्षीय कंस्ट्रक्शन व्यवसायी इस गैंग का शिकार बने।
काशीमीरा पुलिस में दर्ज एफआईआर में दिए अपने बयान में शिकायतकर्ता ने बताया कि गुरुवार शाम करीब ६:३० बजे वे अपनी क्रेटा कार में दहिसर से अपने घर की तरफ लौट रहे थे। चेकनाका का ट्रैफिक सिग्नल पार करते ही दो बाइक सवार उनके करीब पहुंचे और कार रोकने का इशारा करते हुए शीशे पर दस्तक (ठक-ठक) देने लगे। चालक को लगा कि बाइक सवारों को शायद किसी मदद की आवश्यकता है और उसने अपने पास वाली सीट के दरवाजे का शीश नीचे कर दिया। शिकायतकर्ता का ध्यान बंटते ही बाइक सवार आरोपी सीट पर रखा कीमती मोबाइल फोन झटककर फरार हो गए। इसी दिन घटित दूसरे मामले में गैंग ने काशीमीरा स्थित भक्ति वेदांत अस्पताल के पास खड़ी वैगन-आर कार को निशाना बनाया। सड़क किनारे खड़ी कार के शीशे तोड़कर गैंग ने नकद और लैपटॉप चोरी कर लिया। दोनों ही वारदातों में पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और और आरोपियों की पहचान के लिए क्राइम स्पॉट के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी है पुलिस
‘ठक ठक गैंग’ एक ऐसा शातिर गिरोह है, जो कार के शीशे पर दस्तक देते हुए उनका ध्यान भटकाकर और फिर शीशा तोड़कर या खुलवाकर कीमती सामान चुराता है। यह गैंग खासकर धीमी गति वाले ट्रैफिक, हाईवे या भीड़-भाड़ वाली जगहों में अपना निशाना ढूंढता है। ठक-ठक गैंग का शिकार बनने से बचने के लिए किसी भी अनजान या संदिग्ध शख्स के लिए अपनी कार का दरवाजा या खिड़की अचानक से ना खोलें, पहले मामले को समझें, उसके बाद ही कोई कदम उठाएं।
