– `डेथ टू दि डिक्टेटर’ के नारे से गूंजा देश
-खामेनेई विरोधी प्रदर्शन तेज
– रिपोर्ट का दावा `२१७ की गई जान’
एजेंसी / नई दिल्ली
ईरान में एक बार फिर सत्ता के खिलाफ गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। देशभर में लाखों जेन-जी युवा सड़कों पर उतर आए, जिनके नारों से पूरा ईरान गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने खुलकर ‘डेथ टू द डिक्टेटर’ के नारे लगाए और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रदर्शन खासतौर पर युवाओं के नेतृत्व में हो रहा है, जो बढ़ती महंगाई, सख्त इस्लामिक कानूनों, अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदियों और आर्थिक संकट से नाराज हैं। कई शहरों में हालात बेकाबू बताए जा रहे हैं, जिसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। एक रिपोर्ट के हवाले से दावा किया गया है कि इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान अब तक २१७ लोगों की जान जा चुकी है।
बता दें कि ईरान में महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन १३वें दिन भी जारी रहा। गुरुवार को देश के १०० से अधिक शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतरे, जिनमें तेहरान, मशहद और अन्य प्रमुख शहर शामिल थे। विरोध के दौरान हिंसा और संघर्ष बढ़ गया, जिसके चलते अब तक कम से कम ४५ लोग मारे गए, जिनमें ८ बच्चे शामिल थे। कुछ शहरों में उन्होंने `खामेनेई को मौत’ और `इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ’ जैसे नारे लगाए। कुछ स्थानों पर लोग क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में भी नजर आए और उनके लौटने की मांग करते हुए `यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे’ के नारे लगाए।
सुलगती सिगरेट, जलते खामेनेई
ईरान में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शन के दौरान नया रूप देखने को मिला है, जहां महिलाएं सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की तस्वीरों को जलाकर उसकी आग से सिगरेट सुलगा रही हैं। यह ट्रेंड सोशल मीडिया पर तेजी से पैâल रहा है, जो देश में जारी आर्थिक संकट, महंगाई, कमजोर मुद्रा और सरकारी दमन के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाता है।
