सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में चुनाव के लिए अब महज पांच दिन ही बचे हैं, लेकिन भाजपा के पास शहर के लिए न कोई ठोस प्लान है, न विकास की स्पष्ट दृष्टि और न ही कोई विश्वसनीय घोषणापत्र है। ऐसा जोरदार हमला शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने करते हुए कहा कि भाजपा ने पिछले चार वर्षों में मुंबई को लूटा है। सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से आदित्य ठाकरे ने भाजपा की चुनावी रणनीति और उसके कथित खोखले दावों पर कड़ा प्रहार किया है।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा मुंबई से जुड़े वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों पर बात करने के बजाय भटकाने वाले विषयों को उछाल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार सीमापार घुसपैठ रोकने में विफल रही है, लेकिन इसी विफलता को ढकने के लिए भाजपा मुंबई के चुनाव में ऐसे मुद्दे उठा रही है, जिनका शहर की रोजमर्रा की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा मुंबई के बुनियादी सवालों पर पूरी तरह मौन है। आदित्य ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव के ऐन मौके पर भाजपा ‘२०४७’ और ‘विकसित भारत’ जैसी काल्पनिक अवधारणाओं पर आधारित, अवास्तविक आंकड़ों से भरा एक जुमलाबाजी वाला घोषणापत्र सामने ला सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में राज्य की भाजपा सरकार ने मुंबई को व्यवस्थित तरीके से लूटा है और शहर के संसाधनों को नजरअंदाज किया है।
इसके विपरीत, शिवसेना ने अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों, घोषणापत्र की वास्तविक क्रियान्वयन रिपोर्ट और भविष्य की स्पष्ट दृष्टि को जनता के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि हमने अपना काम और भविष्य का खाका जनता के सामने रखा है, लेकिन भाजपा को मुंबई की कोई परवाह नहीं है। भाजपा पर हमला तेज करते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि जिन शहरों और राज्यों में भाजपा की पूरी सत्ता होती है, वहां आम जनता को केवल परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसे हालात में भाजपा के मंत्री जनता की समस्याओं से पल्ला झाड़ लेते हैं।
