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चलती लोकल बनी प्रसूति कक्ष, महिला पुलिस की तत्परता से बची दो जिंदगियां

 

सामना सवांददाता / अंबरनाथ 

लोकल ट्रेन में देर शाम एक भावुक और सराहनीय घटना सामने आई, जब चलती ट्रेन अचानक प्रसूति कक्ष में तब्दील हो गई। कल्याण से अंबरनाथ लौट रही 23 वर्षीय गर्भवती महिला अंजू काले को यात्रा के दौरान अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिससे ट्रेन के कोच में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शाम ठीक 8 बजकर 5 मिनट पर जैसे ही लोकल अंबरनाथ स्टेशन पर पहुंची, यात्रियों ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को सूचना दी। ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनाली नन्देश्वर बिना समय गंवाए कोच में पहुंचीं और हालात को संभालते हुए अनुकरणीय निर्णय लिए। उन्होंने सबसे पहले कोच को सुरक्षित कराते हुए पुरुष यात्रियों को बाहर निकलवाया और महिला यात्रियों के सहयोग से वहीं अस्थायी व्यवस्था कर प्रसव की प्रक्रिया शुरू कराई।

सीमित संसाधनों और आपात स्थिति के बावजूद महिला पुलिस की सूझबूझ, साहस और मानवीय संवेदनशीलता के चलते ट्रेन के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही देर में महिला ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। नवजात की पहली किलकारी सुनते ही कोच में मौजूद यात्रियों के चेहरे पर राहत और खुशी साफ नजर आई।

प्रसव के बाद मां और नवजात को तुरंत अंबरनाथ स्थित छाया हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों की स्थिति स्थिर बताई है। बताया जा रहा है कि महिला अंबरनाथ की निवासी है और कल्याण से घर लौट रही थी। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सतर्कता, साहस और इंसानियत के साथ लिया गया निर्णय आपात परिस्थितियों में बड़ी जिम्मेदारी निभा सकता है। महिला पुलिस उपनिरीक्षक सोनाली नन्देश्वर की हर ओर सराहना हो रही है।

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