सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का एक `जहरीला’ और भड़काऊ ऑडियो संदेश सोशल मीडिया पर फिर वायरल हुआ है। इस ऑडियो में मसूद अजहर ने दावा किया है कि उसके संगठन के पास हमलों को अंजाम देने के लिए हजारों की संख्या में `सुसाइड बॉम्बर तैयार हैं। सूत्रों के मुताबिक, यह ऑडियो देश के खिलाफ एक बार फिर खौफनाक साजिश रचने की मंशा को दर्शाता है। ऑडियो में मसूद अजहर युवाओं को उकसाते हुए हिंसा और आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की खुली धमकी देता सुनाई दे रहा है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह ऑडियो डर और दहशत पैâलाने की साजिश का हिस्सा है। हालांकि, एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जैश-ए-मोहम्मद की आतंकी क्षमता पहले के मुकाबले काफी कमजोर हुई है, लेकिन इस तरह के संदेशों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
मसूद अजहर ने इस ऑडियो में ‘शहादत’ का जिक्र करते हुए कहा है कि उसके आतंकी न किसी सांसारिक सुविधा की मांग करते हैं और न ही किसी निजी लाभ की। उसने यह भी कहा कि यदि वे संगठन में मौजूद आतंकियों की पूरी संख्या सार्वजनिक कर दें तो दुनियाभर के मीडिया में हलचल मच जाएगी, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि जैश-ए-मोहम्मद के पास बड़ी संख्या में प्रशिक्षित आतंकी मौजूद हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे ऑडियो संदेश अक्सर तब जारी किए जाते हैं जब आतंकी संगठन किसी दबाव में होते हैं। हाल ही में भारत द्वारा पाकिस्तान में जैश के कई ठिकानों पर की गई कार्रवाई और संगठन के दर्जनों सदस्यों की मौत के बाद यह संदेश सामने आया है। इसे मसूद अजहर की मानसिक स्थिति और बौखलाहट का संकेत माना जा रहा है।
अलर्ट मोड पर एजेंसियां
मसूद अजहर की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और किसी भी आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने दोहराया है कि देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
`मरने के लिए हमेशा रेडी रहते हैं फिदायीन’
मसूद अजहर ऑडियो क्लिप में ये बोलते सुनाई दे रहा है कि इस मजमे में अल्लाह के वो फिदाई मौजूद हैं, जो रात के तीन बजे उठकर सिर्फ अल्लाह से शहादत मांगते हैं। न ये कहते हैं कि कर्जे उतर जाएं, न ये कहते हैं कि बीवी मिल जाए कि न ये कहते हैं कि मकान मिल जाए, न ये कहते हैं कि दुकान मिल जाए, न ये कहते हैं कि बच्चे आज्ञाकारी बन जाए न ये कहते हैं कि यूरोप का वीजा मिल जाए, न ये कहते हैं कि अमरीका का वीजा मिल जाए, न ये अल्लाह से गाड़ी मांगते हैं, न नई-नई तर्ज की मोटरसाइकिल मांगते हैं और न ही अल्लाह ताला से आईफोन मांगते है।
