सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र से मुंबई को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। इस मुंबई को गुजरात को सौंपने का षड्यंत्र किया गया है। संकट अब हमारे दरवाजे पर आकर खड़ा हो गया है। यह संकट कब दरवाजे पर दस्तक देगा और कब आपको बाहर निकाल दिया जाएगा, यह आपको पता भी नहीं चलेगा। अगर इस आक्रमण को परास्त करना है, अगर मराठी माणुस के खून से हासिल की गई मुंबई को बचाना है, अगर इस मुंबई को मराठी माणुस के हाथों में ही रखना है, तो यही समय है। एकजुट हो जाइए। मराठी माणुस ने खून बहाकर जो मुंबई हासिल की है, उसे टूटने नहीं देंगे, लूटने नहीं देंगे और झुकने नहीं देंगे, ऐसी शपथ लीजिए। यह आह्वान शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने कल समस्त मुंबईकरों से किया। इस आह्वान के बाद लाखों के जनसागर ने अपने संकल्प की वङ्का मुट्ठियां कसकर भींच लीं।
मुंबई महानगरपालिका चुनाव प्रचार के लिए ऐतिहासिक शिवतीर्थ पर शिवसेना-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना-राष्ट्रवादी के ‘शिवशक्ति’ की अभूतपूर्व सभा संपन्न हुई। इस सभा में जनसागर उमड़ पड़ा। भीड़ के सारे रिकॉर्ड तोड़ देने वाली यह सभा साबित हुई। अथाह जनसागर की साक्षी में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने मुंबई की रक्षा के लिए पुकार लगाते हुए मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की साजिश रचने वाली भाजपा पर जोरदार हमला बोला।
नाचते हुए आए ‘शिवशक्ति’ के सैनिक
शिवसेना-मनसे युति की शिवतीर्थ पर हुई ऐतिहासिक सभा के साक्षी बनने के लिए मुंबई शहर और उपनगरों से ‘शिवशक्ति’ के लाखों सैनिक पहुंचे। हर किसी के हाथ में शिवसेना की ‘मशाल’ और मनसे के ‘इंजन’ निशान वाले झंडे थे। कई शिवसैनिक जलती मशालें लेकर आए थे। अनेक शिवसैनिक और मनसे कार्यकर्ता ढोल-ताशों की गूंज में नाचते हुए और गगनभेदी नारे लगाते हुए शिवतीर्थ पहुंचे। सिर्फ शिवसेना-मनसे की इस विराट सभा को देखने के लिए काफी लोग राज्य के ग्रामीण हिस्सों से भी आए थे। ठाकरे बंधुओं को एक साथ देखने के लिए लाखों का जनसैलाब उमड़ा।
