सामना संवाददाता / मुंबई
रविवार को शिवतीर्थ पर शिवशक्ति का तूफान उमड़ पड़ा। भीड़ की लहरें उठती रहीं। शिवसैनिकों और मनसे कार्यकर्ताओं के अपार उत्साह का दर्शन हर कदम पर होता रहा। मुंबई की सभी सड़कें मानो शिवतीर्थ की ओर मुड़ गई थीं। मुंबई के कोने-कोने से ढोल-नगाड़ों के साथ, गुलाल उड़ाते हुए, जश्न मनाते हुए जत्थे का जत्थे दोपहर से ही शिवतीर्थ पहुंचने लगे थे। भगवा साड़ियां, भगवा टोपियां, भगवा झंडे से पूरा वातावरण भगवामय हो गया था। मुंबई की रक्षा के लिए, मराठी एकजुटता की ताकत दिखाने के लिए, ठाकरे बंधुओं की शिवगर्जना के साक्षी बनने के लिए यह शिवतीर्थ की वारी थी। १६ तारीख को विजय का गुलाल सिर्फ शिवशक्ति का ही होगा, यह नारा इस ऐतिहासिक सभा ने बुलंद किया।
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के एक साथ आने के बाद शिवतीर्थ पर हुई यह उनकी पहली अत्यंत विराट सभा थी। इसी कारण पूरे परिसर में अभूतपूर्व उत्साह दिखाई दे रहा था।
सभा का समय शाम का था, लेकिन दोपहर से ही दादर रेलवे स्टेशन से लेकर शिवतीर्थ तक के सभी रास्ते शिवसैनिकों और मनसे कार्यकर्ताओं की भीड़ से भर गए थे। सत्ताधारियों की राक्षसी प्रवृत्तियों से मुंबई को बचाना ही है, इस दृढ़ निश्चय के साथ लाखों शिवसैनिक और मनसे कार्यकर्ता शिवतीर्थ की ओर बढ़ रहे थे। इसमें अनुभवी, निष्ठावान, वरिष्ठ शिवसैनिकों से लेकर युवा, महिलाएं और यहां तक कि छोटे-छोटे शिवसैनिक भी शामिल थे। शिवसेना-मनसे की युति का परम आनंद हर चेहरे पर झलक रहा था। ये जत्थे जब शिवतीर्थ की ओर बढ़ रहे थे, तब वे रास्ते में ‘शिवसेना भवन’ के पास आदर से नतमस्तक हो रहे थे। इससे ‘शिवसेना भवन’ का पूरा परिसर भगवामय हो गया था। शिवतीर्थ के मुख्य प्रवेश द्वार पर मांसाहेब सौ. मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा है। वहां भी मांसाहेब को नमन करने के लिए शिवसैनिकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। चारों ओर भगवा झंडे शान से लहरा रहे थे। पूरा दृश्य इस बात की साक्षी दे रहा था कि मुंबई महानगरपालिका स्थानीय आदमी के हाथ में ही रहेगी।
‘शिवसेना भवन’ के पास सेल्फी लेने उमड़ी भीड़
तमाम शिवसैनिकों के श्रद्धास्थान ‘शिवसेना भवन’ के पास दोपहर से ही शिवसैनिकों और मनसे कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी। हर किसी के दिल में बसे इस भवन के साथ सेल्फी लेने के लिए लोग आगे बढ़ रहे थे। फलक लहराए जा रहे थे। इसी के साथ ही ‘हम हिंदूहृदयसम्राट शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के सच्चे शिवसैनिक हैं’ इस तरह की भावना व्यक्त करते हुए शिवसैनिक शिवसेना भवन में बालासाहेब की तस्वीर के सामने श्रद्धा से नतमस्तक हो रहे थे।
निष्ठा और अनुशासन का दर्शन
शिवतीर्थ की ओर जत्थे का जत्था जा रहा था। इतनी भारी भीड़ के बावजूद यातायात में कोई बाधा न आए, इसके लिए शिवसैनिक और मनसे कार्यकर्ता स्वयं ही सावधानी बरत रहे थे।
दादर इलाके से एंबुलेंस गुजर रही थीं। उन्हें भीड़ से रास्ता देकर सामाजिक जिम्मेदारी निभाई गई। सड़कों और चौराहों पर उमड़ी भीड़ के बीच भी गहरी निष्ठा और अनुशासन का दर्शन हो रहा था।
नन्हे शिवसैनिक की ‘एंट्री’ बनी आकर्षण का केंद्र
कांदिवली के कु. स्वामी योगेश घरत नामक इस नन्हे शिवसैनिक की सभा में हुई ‘एंट्री’ सभी का ध्यान खींचने वाली रही। ठाकरे बंधुओं के एक साथ आने की खुशी जाहिर करते हुए उसने सभी लोगों से महानगरपालिका चुनाव में सोच-समझकर मतदान करने की अपील की। ‘दादी-दादा, माता-पिता, काका-काकी, मामा-मामी, बुआ-मौसी, ताई-दादा ठाकरे बंधु क्या कह रहे हैं, वह सुनिए। नहीं तो कल हमारे भविष्य को खो बैठेंगे। ऐसा प्रभावी संदेश स्वामी घरत ने अपने फलक के जरिए दिया। उसका यह संदेश उपस्थित लोगों को बेहद भावुक कर गया। उसके फलक के साथ तस्वीर लेने के लिए सैकड़ों मोबाइल वैâमरे आगे बढ़ आए।
