कई राज्यों में फैला है ठगी का रैकेट
सामना संवाददाता / मुंबई
अब तक साइबर अपराधियों को बैंक खातों की डिटेल्स और फर्जी खाते खुलवाने की मदद बैंक कर्मचारी करते आए हैं, लेकिन अब अवैध गेमिंग, बेटिंग ऐप्स और एपीके फाइल स्वैâम और दूसरे ऑनलाइन प्रâॉड को अंजाम देने के लिए जाने-माने बैंकों के ‘बैंक अकाउंट किट’ सप्लाई किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक अकाउंट किट हाथ लगने से साइबर क्रिमिनल बड़ी आसानी से लोगों के साथ लाखों रुपए का आनलाइन प्रâॉड करते थे। पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराधी बैंक कर्मचारियों की मदद से सारा खेल खेल रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े स्वैâम का खुलासा तब हुआ, जब गैंग के तीन लोग साकीनाका पुलिस के हाथ लगे। तीनों एक होटल से गिरफ्तार किए गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि किट में डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, पासवर्ड और दूसरे डॉक्यूमेंट थे, जिन्हें साइबर ठगों को दिया जाता, ताकि वे पीड़ितों को धोखा देने के लिए इस्तेमाल होने वाले अकाउंट चला सकें। एपीके फाइल स्वैâम में पीड़ितों को लिंक या मैसेज के जरिए खराब एनरॉइड एप्लीकेशन पैकेज इंस्टॉल करने के लिए धोखा दिया जाता है, जिससे धोखेबाजों को फोन, बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी का रिमोट एक्सेस मिल जाता है।
साकीनाका पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड पर एक होटल में संदिग्ध गतिविधि चल रही है। टिप मिलते ही पुलिस हरकत में आई और शनिवार सुबह करीब ४ बजे छापा मारकर कमरा नंबर १०८ से दो लोगों को अरेस्ट किया गया। उनके पास से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और सिम कार्ड समेत इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए। पूछताछ के दौरान, दोनों ने अन्य तीन साथियों के नाम बताए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। छानबीन में पता चला कि गैंग ने कई बैंक अकाउंट खोले थे और अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगों को किट सप्लाई की थीं।
साकीनाका पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों के दूसरे साथियों की सरगर्मी से तलाश जारी है।
