•गनपतसहाय काॅलेज में व्याख्यान
सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
गनपतसहाय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से ‘स्वामी विवेकानंद एक विचारक – वेदांत और भारतीय संस्कृति’ विषयक व्याख्यान माला के दूसरे दिन विचारों का समागम हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया गया। प्रबंधक ओमप्रकाश पांडेय की उपस्थिति में महाविद्यालय प्राचार्य प्रो.अंग्रेज सिंह ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को युवाओं के लिए पथप्रदर्शक बताया। कहा कि उनका जीवन आत्मविश्वास,राष्ट्रभक्ति और सेवा भाव का प्रतीक है।उनके आदर्शों को अपनाकर ही युवा राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
शिक्षकों में डा.भोलानाथ, देवेन्द्रनाथ मिश्र एवं छात्रों में भूमि, ख़ुशी मिश्रा,अंकिता,प्रत्यूषा,ऋषिका, महक,करण, राजकपूर,दीपराज आदि ने भी अपने विचार रखे।कार्यक्रम का संचालन डा.विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया। डा.दीपा सिंह ने आए हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सर्व समाज कल्याण के संकल्प के साथ किया गया।इस अवसर पर प्रो. शाहिद, प्रो.शक्ति सिंह,प्रो.मनोज मिश्र,प्रो.अनुज पटेल,डॉ.संध्या श्रीवास्तव,डॉ.अजय कुमार मिश्र, डॉ.दिनेश चंद्र द्विवेदी,डॉ.कुंवर दिनकर प्रताप सिंह तथा समस्त कार्यक्रमाधिकरियों के साथ साथ बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
