हिमांशु राज़
करिश्मा कपूर के पूर्व पति और उद्योगपति सुंजय कपूर के उत्तराधिकार विवाद ने अब एक नाटकीय और तीखा मोड़ ले लिया है। कथित वसीयत की प्रामाणिकता पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी कीमत करीब 30,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। टीवी डिबेट्स और सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि प्रिया सचदेव कपूर द्वारा पेश की गई वसीयत के दावों को कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) से चुनौती दी गई है।न्यूज चैनलों पर प्रसारित दावों, एक्स पर वायरल पोस्ट्स और प्रिया द्वारा अदालत में दिए गए हलफनामे के अनुसार, वसीयत का हस्ताक्षर 21 मार्च 2025 को गुड़गांव में प्रिया सचदेव कपूर की मौजूदगी में हुआ था। लेकिन कथित सीडीआर डेटा के मुताबिक, उसी दिन प्रिया दिल्ली में थीं। यह बड़ा विसंगति उनके हलफनामे और वास्तविक स्थान के बीच साफ दिख रहा है। कानूनी जानकार और टिप्पणीकार इसे ‘अप्रत्याशित और गंभीर’ बता रहे हैं, जिससे मामला अब और उलझ सकता है।करिश्मा कपूर ने खुद गरिमापूर्ण चुप्पी साध रखी है, लेकिन ये नई खुलासे वसीयत को चुनौती दे रहे पक्ष को मजबूती दे रहे हैं। गवाहों के बयानों और अदालत में जमा दस्तावेजों की विश्वसनीयता पर अब सवाल उठ रहे हैं। जैसे-जैसे कानूनी जांच गहराती जा रही है और नया सबूत सामने आ रहा है, यह उत्तराधिकार युद्ध सार्वजनिक और मीडिया की नजरों में बरकरार है।
